Author: admin
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लौट आओ नन्हे दोस्त गौरैया
संजय कुमार/ घरेलू गौरैया और इंसान की दोस्ती नई नहीं है, बल्कि सदियों पुरानी है। इन्सान जहाँ-जहाँ गया पीछे-पीछे नन्ही गौरैया उसके घर-आँगन या आसपास चली आई और साथ-साथ रहने लगी। बच्चों का बचपन उसके साथ गुजरा, तो खेतों में लगी फसलों एवं बाग़-बगीचा के फल-फूल-सब्जी को नुकसान पहुँचाने वाले कीड़ों को अपना आहार बना…
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देश भर में गूंजेगी ‘प्रोजेक्ट बिग कैट’ की दहाड़
नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बड़ी बिल्लियों (Big Cats) के संरक्षण में भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित करने के लिए एक मेगा अभियान की शुरुआत की है। मंत्रालय देश के विभिन्न हिस्सों में पांच प्रमुख प्रजातियों—बाघ, एशियाई शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता—पर आधारित विशेष विषयगत कार्यक्रमों का…
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गौरैया के लिए मोबाइल फोन टावर कितना खतरनाक ?
संजय कुमार/ घरेलू गौरैया की संख्या में कमी के पीछे के कारणों में एक बड़ा कारण मोबाइल टावरों से निकलने वाला रेडिएशन को बताया जाता है। स्टेट ऑफ इंडियंस बर्ड्स ने इसे पुख्ता सबूत नहीं माना है। जबकि गौरैया की संख्या में कमी के पीछे आहार की कमी, बढ़ता आवासीय संकट, कीटनाशक का व्यापक प्रयोग,…
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बिग कैट्स के संरक्षण के लिए जुटेगा विश्व
1 और 2 जून को ‘इंटरनेशनल बिग कैट्स एलाइंस समिट‘ दिल्ली में नई दिल्ली: भारत वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। आगामी 1 और 2 जून को देश की राजधानी नई दिल्ली में ‘इंटरनेशनल बिग कैट्स एलाइंस (IBCA) समिट‘ का आयोजन किया जाएगा। इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य…
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पटना कॉलेज में पौधारोपण-सकोरा वितरण
पटना:12-5-2026 / पटना कॉलेज में एनवायरनमेंट वॉरियर्स एवं हमारी गौरैया के द्वारा वृक्षारोपण एवं पक्षियों के लिए घोंसला एवं सकोरा लगाने का कार्यक्रम रजनीश कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को किया गया। जिसमें पटना कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार के द्वारा वृक्षारोपण किया गया साथ ही महाविद्यालय परिसर में पक्षियों के लिए दाना-पानी के…
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गौरैया: नेचुरल कीटनाशक है
संजय कुमार / गौरैया कीट-पतंगे खाकर किसानों की मदद करती है। एक गौरैया एक दिन में कई कीड़े खा जाती है। इसके आहार में 60 प्रतिशत हिस्सा कीड़े होते हैं। खासकर बच्चों को प्रोटीन के लिए कैटरपिलर, कीड़ा-मकोड़ा, गमला या मिटटी में लगे छोटे कीड़े आदि ही खिलाती है। खेतों में फसल और सब्जी में…
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अब विज्ञापन में भी ‘गौरैया’
संजय कुमार/सिनेमा, साहित्य, लोक गीत कला-कथा के बाद अब विज्ञापन में भी गौरैया नजर आने लगी है। कई शहर-गाँव-मोहल्ला के घर-आँगन में चहकने वाली नन्ही चिड़ियाँ गौरैया के साथ गायब या विलुप्ति जैसे शब्द जुड़ चुकें है तो वही, उसकी घर वापसी के लिए संरक्षण अभियान भी जोरशोर से चल रहा है। और,सफलता भी मिल…
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केक के बदले तरबूज काट और पौधारोपण कर मना जन्मदिन
पटना/10 मई2026/ राजधानी पटना के गंगा पथ पर ‘पीपल-नीम-तुलसी कृषि अभियान’ के तत्वावधान में प्रसिद्ध शिक्षक एवं मोटिवेटर प्रेम गांधी का जन्म दिवस एक अनूठे और पर्यावरण-अनुकूल अंदाज में मनाया गया। इस अवसर पर ‘पौधारोपण यज्ञ’ का आयोजन किया गया, जिसमें प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया गया। साथ ही केक की जगह तरबूज काटा गया।…
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धूल नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन में चूक पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली / वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को नोएडा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें सड़कों पर दिखाई देने वाली धूल के स्तर का आकलन करने और शहर में सड़क की सफाई और झाड़ू लगाने के कार्यों की समीक्षा करने पर ध्यान दिया गया। आयोग द्वारा…
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 2026 में पराली जलाने के उन्मूलन को लेकर समीक्षा की
“राज्यों के अधिकारियों ने 2026 में धान की पराली जलाने को समाप्त करने के लिए अपनी कार्य योजनाएं प्रस्तुत कीं।“ नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बुधवार को…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन










