Category: Literature
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“बेजोड़ टॉक्स” का 18वां एपिसोड बिहार की राजकीय पक्षी गौरैया संरक्षक संजय कुमार पर
पटना:2-8-2026/ राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता नितिन नीरा चंद्रा की चंपारण टॉकीज के ‘बेजोड़ टॉक्स, बिहार के जानेमाने हस्ताक्षर और गुमनाम प्रतिभाओं को वैश्विक मंच दे रहा है। ‘बेजोड़ टॉक्स का 18 वां एपिसोड दो अगस्त को यूट्यूब पर रिलीज किया गया । इस एपिसोड में बिहार की राजकीय पक्षी “गौरैया” के संरक्षण में सक्रिय संजय कुमार…
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“ओ री गौरैया” पुस्तक गागर में सागर
नीतीश कुमार / श्री संजय कुमार जी द्वारा रचित ओ री गौरैया पुस्तक गागर में सागर है। इस पुस्तक में 17 चैप्टर हैं और हर चैप्टर 1 से बढ़कर एक। पहले तो मुझे लगा था कि कुछ खास नहीं होगा। लेकिन मंगाते हैं पढ़ते हैं, जो थोड़ा बहुत ही जानने को मिलेगा। लेकिन जितनी गहराई…
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“बिहार के पर्यावरण स्तंभ” पुस्तक
पर्यावरण संरक्षण के अखंड ज्योति को करेगा प्रज्वलित पुस्तक चर्चा / बिहार के पर्यावरणविदों ने अपने अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी पहचान बनाते हुए लोगों को सन्देश देने का काम किया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण का सन्देश दूर-दूर तक जाए और लोग जुड़ें । ऐसे ही पर्यावरण स्तंभों को…
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बेंगलुरु के स्पैरो मैन : एडविन जोसेफ
बेंगलुरु : एडविन जोसेफ बेंगलुरु के स्पैरो मैन हैं । और उन्हें उन पक्षियों की याद आती है जो कभी आईटी शहर में हजारों की संख्या में पाए जाते थे। लेकिन अब बहुत कम ही देखे जाते हैं। उन्होंने अपने घर को गौरैया के लिए एक सुरक्षित कोना बना दिया है। वे चाहते हैं कि…
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दो बहनें: चुनिया और मुनिया
कहानी / आशा प्रसाद : बहुत समय पहले की बात है। हरे-भरे एक गाँव में दो चिड़ियाँ रहती थीं—चुनिया और मुनिया। दोनों बहनें थीं और हमेशा साथ-साथ रहतीं। सुबह सूरज की किरणों के साथ उड़ान भरतीं, खेतों में दाना चुगतीं, तालाब के किनारे पानी पीतीं और शाम को अपने छोटे-से मिट्टी और खपरैल वाले घर…
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गौरैया संरक्षण पहल से बनी डॉ.सुनीता यादव ‘गौरैया वाली दीदी’
गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इटावा, उत्तर प्रदेश की गौरैया संरक्षक डॉ. सुनीता यादव अलख जगा रही हैं। घरेलू गौरैया की विलुप्ति की जानकरी मिलने के बाद इसके संरक्षण की पहल में लग गयी। वे बताई है, प्रकृति के प्रति अनुराग मेरे जीवन में किसी आकस्मिक प्रेरणा का परिणाम नहीं, बल्कि मेरे संस्कारों…
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पर्यावरण के खतरों से आगाह करती संजय कुमार की पुस्तक : जल जीवन हरियाली
निशांत रंजन/ विकास की अंधी दौड़, नये-नये आविष्कारों की स्पर्धा, जनसंख्या की निरंतर वृद्धि, औद्योगीकरण एवं शहरीकरण की आपाधापी से प्रकृति के संतुलन में बिगाड़ आदि परिस्थितियों ने पर्यावरण को खतरे में डाल दिया गया है। ऐसे ही अनेक सवालों को उठाती गौरैयाविद लेखक संजय कुमार की पुस्तक “जल जीवन हरियाली” आई है। पर्यावरण संरक्षण…
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FOR FEARLESS FLIGHT OF SPARDOWS
“IIS officer Sanjay Kumar champions the survival of the humble house sparrow with unwavering dedication and innovative efforts, writes Ramashankar” THE SUNDAY STANDARD. NEW DELHI SUNDAY. 25 AUGUST 2024 / IN the serene corners of Bihar, where the old old world charm meets the relentless pace of mo-dernity, a story, both touching and inspira-tional, unfolds.…
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‘I Love Sparrow’ important book on sparrow conservation
Aditi Roy/This book ‘I Love Sparrow’ has covered each and every dimension of the sparrows, which is a small bird having unique appearance holding significant place in the life of people. This book consists of thirty-two sub-topics or chapters covering sparrow holistically. First of its kind, this book put forwards all the efforts a man…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन
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