बिग कैट्स के संरक्षण के लिए जुटेगा विश्व

1 और 2 जून को ‘इंटरनेशनल बिग कैट्स एलाइंस समिट‘ दिल्ली में नई दिल्ली: भारत वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। आगामी 1 और 2 जून को देश की राजधानी नई दिल्ली में ‘इंटरनेशनल बिग कैट्स एलाइंस (IBCA) समिट‘ का आयोजन किया जाएगा। इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य…

1 और 2 जून को इंटरनेशनल बिग कैट्स एलाइंस समिट दिल्ली में

नई दिल्ली: भारत वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। आगामी 1 और 2 जून को देश की राजधानी नई दिल्ली में इंटरनेशनल बिग कैट्स एलाइंस (IBCA) समिट का आयोजन किया जाएगा। इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य दुनिया की सात प्रमुख बिग कैट प्रजातियों—बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा—के अस्तित्व को बचाने के लिए वैश्विक देशों को एक मंच पर लाना है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार (11मई2026) को कहा कि भारत 1 और 2 जून को नई दिल्ली में पहले अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा उन्‍होंने बिग कैट संरक्षण में उद्योग जगत से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। श्री यादव भारतीय उद्योग परिसंघ -सीआईआई के वैश्विक अर्थव्यवस्थाउद्योग और समाज का भविष्य और विजन  फॉर इंडिया @100  विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

श्री यादव ने कहा कि इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्व की सात विशाल बिल्लियों (बिग कैट) – बाघ, शेर, चीता, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, जगुआर और प्यूमा – के संरक्षण की पहल है। अंतर-सरकारी अंतर्राष्ट्रीय संगठन इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस का मुख्यालय भारत में है। श्री यादव ने औद्योगिक नेताओं से कॉरपोरेट वित्‍त पोषण और साझेदारी द्वारा वैश्विक बिग कैट संरक्षण प्रयासों में सहयोग का आग्रह किया।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने बिग कैट संरक्षण में उद्योग की भूमिका का उल्‍लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक वास पुनर्स्थापन, प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी और सर्वेक्षण, सामुदायिक संरक्षण, क्षमता निर्माण और संरक्षण जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मदद के लिए कॉर्पोरेट वित्त पोषण आवश्यक है।

श्री यादव ने सभी से बिग कैट को बचाने के लिए आगे आने को कहा। उन्होंने कहा कि उनके भविष्य की रक्षा कर हम अपना भविष्य भी बचा रहे हैं, क्योंकि बडे शिकारी और संरक्षित वन्‍य जीव प्रजाति होने के नाते, बिग कैट पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखते हैं तथा विशाल भूभागों, जैव विविधता और जल संसाधनों की रक्षा करते हैं। श्री यादव ने कहा कि भारतीय उद्योग परिसंघ और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस के बीच पहले से ही समझौता ज्ञापन है।

भारत की विकास यात्रा और इंडिया@100 विजन पर श्री यादव ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित प्रौद्योगिकियों, डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं, भू-राजनीतिक बदलावों और जलवायु चुनौतियों के कारण दुनिया युग परिवर्तन की साक्षी बन रही है। उन्होंने कहा  कि कई मायनों में  यह सिर्फ परिवर्तन का युग नहीं बल्कि एक युग परिवर्तन है।

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संयोजक

 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

*सम्पादक -डॉ .लीना

*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।

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