Category: News

  • मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम पर संसदीय परामर्श समिति की बैठक

    मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम पर संसदीय परामर्श समिति की बैठक

    नई दिल्ली ,5 अगस्त/ पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कई राज्यों में मानव -वन्यजीव टकराव को कम करने और स्थान-विशिष्ट प्रबंधन दृष्टिकोण की जरूरत पर बल दिया है। आज नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की संसदीय परामर्श समिति…

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  • वन संरक्षण में स्थानीय समुदायों की अहम भूमिका, 1134 संरक्षित क्षेत्र अधिसूचित

    वन संरक्षण में स्थानीय समुदायों की अहम भूमिका, 1134 संरक्षित क्षेत्र अधिसूचित

    नई दिल्ली। 8 -3 -2026 / भारत की वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2023 के अनुसार, देश का वन और वृक्ष आवरण 8,27,356.95 वर्ग किलोमीटर है, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 25.17 प्रतिशत है। आईएसएफआर 2021 के पिछले आकलन की तुलना में देश के वन और वृक्ष आवरण में 1445.81 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि…

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  • अमेरिका से यूरोप तक धधक रहे जंगल, आग से रिकॉर्ड नुकसान

    अमेरिका से यूरोप तक धधक रहे जंगल, आग से रिकॉर्ड नुकसान

    चिंताजनक: स्पेन में खतरा कम हुआ, लेकिन टला नहीं, फ्रांस में आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका, बड़े पैमाने पर जंगलों और खेती की जमीन बर्बाद किया लाकानाउ/वॉशिंगटन, एजेंसी। करीब 20 दिन से ज्यादा समय से यूरोप के जंगल धधक रहे हैं। फ्रांस, स्पेन में आग का खतरा कम हुआ है लेकिन…

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  • “बेजोड़ टॉक्स” का 18वां एपिसोड बिहार की राजकीय पक्षी गौरैया संरक्षक संजय कुमार पर

    “बेजोड़ टॉक्स” का 18वां एपिसोड बिहार की राजकीय पक्षी गौरैया संरक्षक संजय कुमार पर

    राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता नितिन नीरा चंद्रा की चंपारण टॉकीज के ‘बेजोड़ टॉक्स, बिहार के जानेमाने हस्ताक्षर और गुमनाम प्रतिभाओं को  वैश्विक मंच दे रहा है। ‘बेजोड़ टॉक्स का 18 वां एपिसोड दो अगस्त को यूट्यूब पर रिलीज किया गया । इस एपिसोड में बिहार की राजकीय पक्षी “गौरैया” के संरक्षण में सक्रिय संजय कुमार पर…

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  • संशोधित पीएम उत्सर्जन मानकों की समय-सीमा 1 अक्टूबर तक बढ़ी

    संशोधित पीएम उत्सर्जन मानकों की समय-सीमा 1 अक्टूबर तक बढ़ी

    दिल्ली-एनसीआर के उद्योगों को राहत नई दिल्ली, 31 जुलाई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर के उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए संशोधित पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) उत्सर्जन मानकों के कार्यान्वयन की समय-सीमा बढ़ा दी है। आयोग ने अपने वैधानिक निदेश संख्या-98 में संशोधन करते…

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  • एनसीएपी के तहत 130 शहरों में स्वच्छ हवा की मुहिम तेज, 11,108 उद्योगों ने अपनाया स्वच्छ ईंधन

    एनसीएपी के तहत 130 शहरों में स्वच्छ हवा की मुहिम तेज, 11,108 उद्योगों ने अपनाया स्वच्छ ईंधन

    नई दिल्ली, 30 जुलाई। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत देश के 130 शहरों के लिए शहर-विशिष्ट स्वच्छ वायु कार्य योजनाएं तैयार की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य मिट्टी एवं सड़क की धूल, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, कचरा जलाने, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों तथा हरित क्षेत्र बढ़ाने जैसे प्रमुख वायु प्रदूषण स्रोतों…

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  • 12 वर्षों में भारत  में बढ़े बाघ और बाघ अभ्यारण्य

    12 वर्षों में भारत में बढ़े बाघ और बाघ अभ्यारण्य

    भूपेंद्र यादव–बाघ संरक्षण को मिली नई दिशा। वैश्विक बाघ दिवस पर एनटीसीए का इको-टूरिज्म वेबपेज लॉन्च नई दिल्ली, 29 जुलाई। वैश्विक बाघ दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा आयोजित समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले…

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  • कावर झील की बिगड़ती स्थिति पर केंद्र-राज्य को एनजीटी का नोटिस

    कावर झील की बिगड़ती स्थिति पर केंद्र-राज्य को एनजीटी का नोटिस

    नई दिल्ली। 26 जुलाई 2026/ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बिहार में एशिया की सबसे बड़ी ऑक्सबो झील कही जाने वाली कावर झील की बिगड़ती पर्यावरणीय स्थिति पर केंद्र सरकार और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एनजीटी ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की।एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश…

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  • मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए कोयंबटूर में उत्कृष्टता केंद्र की शुरुआत

    मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए कोयंबटूर में उत्कृष्टता केंद्र की शुरुआत

    केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने किया उद्घाटन, राष्ट्रीय पोर्टल भी लॉन्च; सह-अस्तित्व को बताया पारिस्थितिक स्थिरता का आधार कोयंबटूर, 10 जुलाई: मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने और वैज्ञानिक समाधान विकसित करने के उद्देश्य से केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को कोयंबटूर स्थित भारतीय वन्यजीव…

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  • सीबीआई-डीआरआई की  कार्रवाई में वन्यजीव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश

    सीबीआई-डीआरआई की कार्रवाई में वन्यजीव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश

    53 संरक्षित जानवरों/पक्षियों को बचाया गया नई दिल्ली : 09.07.2026 / सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) और डीआरआई (DRI), मुंबई ने वाइल्डलाइफ़ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB), मुंबई/कोलकाता की मदद से एक संयुक्त ऑपरेशन में 15 स्लो लोरिस, 2 बिंटुरोंग, 28 स्टार कछुए, 6 इजिप्टियन गिद्ध और 2 शिकरा पक्षियों को बरामद किया और बचाया। ये…

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संयोजक

 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

*सम्पादक -डॉ .लीना

*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।

हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में

यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।

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www.ilovesparrow.com वेबसाईट का उद्देश्य साफ़ है घर -घर गौरैया संरक्षण की पहल हो..साथ ही पर्यावरण का भी संरक्षण हो।

सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन