Category: News

  • विकास..प्रकृति के लिए विनाशकारी नहीं होना चाहिए-डॉ. राजेंद्र सिंह

    विकास..प्रकृति के लिए विनाशकारी नहीं होना चाहिए-डॉ. राजेंद्र सिंह

    विजयवाड़ा, 5 नवंबर 2026 / भारत के जलपुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह और पर्यावरण कार्यकर्ता बोलिशेट्टी सत्यनारायण ने आह्वान किया है कि विकास ऐसा होना चाहिए जो लोगों के जीवन स्तर को बढ़ाए, न कि उनके भविष्य को खतरे में डाले। जंगलों, नदियों, तालाबों, कृषि भूमि और प्राकृतिक संसाधनों को नष्ट करके हासिल किया गया विकास…

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  • नुक्कड़ नाटक द्वारा  पर्यावरण संरक्षण का संदेश

    नुक्कड़ नाटक द्वारा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

    पटना / दीपावली के दौरान वायु एवं ध्वनि प्रदूषण में संभावित वृद्धि के कारण हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर होने वाले प्रभावों के प्रति जन-सामान्य में जागरूकता अभिवर्धित करने के लिए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा 05नवम्बर से 07 सात नवम्बर 26 तक बिहार राज्य के 13 जिलों, भागलपुर, अररिया, समस्तीपुर, बेगूसराय, पटना, सासाराम,…

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  • भारत  उन्मुख और  न्याय  संगत  जलवायु  कार्रवाई  को आगे बढ़ाएगा: भूपेंद्र यादव

    भारत उन्मुख और न्याय संगत जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाएगा: भूपेंद्र यादव

    “अंताल्या में आयोजित यूएनएफसीसीसी सीओपी 31 में समाधान-जलवायु वित्त की सुनिश्चित उपलब्धता, देशों के नेतृत्व में जलवायु शमन एवं अनुकूलन के ठोस परिणाम, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और न्यायसंगत परिवर्तन भारत की प्राथमिकताए होंगीः भूपेंद्र यादव” नई दिल्ली,3 नवम्बर 26 / केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 9 से 20 नवंबर 2026 तक…

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  • पवन-I3C केंद्र से होगी प्रदूषण की रियल टाइम निगरानी

    पवन-I3C केंद्र से होगी प्रदूषण की रियल टाइम निगरानी

    “केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने वायु प्रदूषण शमन उपायों की समीक्षा के लिए सीएक्यूएम के ‘पवन-I3C’ एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र का दौरा किया” नई दिल्ली,30 अक्टूबर 26 / केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के नवनिर्मित एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (आई3सी)…

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  • कैमूर में जंगल की वापसी

    कैमूर में जंगल की वापसी

    कैमूर में, जंगल की सुरक्षा का मतलब सिर्फ अतिक्रमण हटाना नहीं था। इसका मतलब था लोगों के मन में जंगल के प्रति फिर से विश्वास जगाना और,यह विश्वास जगाया आईएफएस विकास अहलावत ने। जंगल को अतिक्रमण से मुक्त कराया और सुरक्षा की पहल की । जब विकास अहलावत ने कार्यभार संभाला था तब वहां का…

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  • ‘ऐनहेंसिंग कोस्‍टल रीजीलिएंस थ्रू अडेप्टिव स्‍ट्रेटेजीज’ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला

    ‘ऐनहेंसिंग कोस्‍टल रीजीलिएंस थ्रू अडेप्टिव स्‍ट्रेटेजीज’ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला

    नई दिल्ली,29 अक्तूबर 26 / केन्‍द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) 29-30 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में ‘ऐनहेंसिंग कोस्‍टल रीजीलिएंस थ्रू अडेप्टिव स्‍ट्रेटेजीज’ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला की आज शुरुआत हुई । यह कार्यशाला हरित जलवायु कोष (जीसीएफ) की परियोजना ‘भारत के तटीय समुदायों की जलवायु अनुकूलन क्षमता को बढ़ाना’ (जीसीएफ-ईसीआरआईसीसी) के…

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  • शाम को तोते लौटे तो देर तक आशियाने के लिए मंडराते रहे

    शाम को तोते लौटे तो देर तक आशियाने के लिए मंडराते रहे

    इंदौरः मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए रानी सराय में 160 पेड़ों की कटाई शुरू भास्कर न्यूज | इंदौर/ मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन के लिए रानी सराय परिसर में पेड़ों की कटाई आखिरकार सोमवार से शुरू हो गई। सुबह पेड़ों से उड़कर दूरदराज के खेतों में गए तोते शाम को वापस लौटे तो कई अपने आशियाने के…

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  • सांसों पर संकट आते ही सख्ती

    नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता।दिल्ली-एनसीआर की हवा दशहरे के अगले दिन बुधवार को खराब श्रेणी में आ गई। इसके साथ ही ग्रुप-1 के प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। इनके तहत बाहरी राज्यों से आने वाली बसों पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही मेट्रो के फेरे भी बढ़ाए गए हैं। केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी, बीएस-6 डीजल बसों…

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  • 31 जल संरक्षकों को मिला ‘जल प्रहरी सम्मान–2026’

    31 जल संरक्षकों को मिला ‘जल प्रहरी सम्मान–2026’

    नई दिल्ली। जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले देशभर के जल संरक्षकों को सम्मानित करने के लिए सातवें ‘जल प्रहरी सम्मान समारोह–2026’ का आयोजन 23 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित विश्व युवक केंद्र में किया गया। समारोह में विभिन्न राज्यों से चयनित जल संरक्षण के…

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  • पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए संजय को मिला ‘जल प्रहरी सम्मान 2026’

    पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए संजय को मिला ‘जल प्रहरी सम्मान 2026’

    नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2026।  नई दिल्ली स्थित विश्व युवक केंद्र में आयोजित “7वें जल प्रहरी सम्मान 2026” समारोह में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित जलपुरुष–पर्यावरणविद डॉ.राजेन्द्र सिंह के द्वारा पर्यावरण सह जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बिहार के संजय कुमार को ‘जल प्रहरी सम्मान 2026’  दिया गया। संजय कुमार विशेष…

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संयोजक

 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

*सम्पादक -डॉ .लीना

*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“

हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में

यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।

हमें आप लिख सकते हैं …आप हमें  📩 ईमेल करें: ilovesparrow68@gmail.com

🐦 आपकी भागीदारी जरूरी है: अगर आपके पास गौरैया और पर्यावरण संरक्षण संरक्षण से जुड़े अनुभव, प्रेरक कहानियाँ, कविताएँ, गीत या शोधपरक आलेख हैं, तो हमें ज़रूर भेजें।

www.ilovesparrow.com वेबसाईट का उद्देश्य साफ़ है घर -घर गौरैया संरक्षण की पहल हो..साथ ही पर्यावरण का भी संरक्षण हो।

सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन