Category: News
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टेक्नोलॉजी और नेचर-बेस्ड समाधानों से शहरों में जैव विविधता बढ़ाने पर एक दिवसीय विचार-मंथन सत्र”
पटना, 16 मई 2026/ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना, अशोक राजपथ में शनिवार को “प्रौद्योगिकी संचालित एवं प्रकृति आधारित समाधानों के माध्यम से बुनियादी ढांचे और परिदृश्य वास्तुकला योजना में शहरी जैव विविधता का एकीकरण” विषय पर एक दिवसीय विचार-मंथन सत्र का आयोजन किया गया।मौके पर एनआईटी पटना के एचएजी प्रोफेसर प्रो. रमाकर झा ने कहा…
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‘लायन’ स्पीशीज स्पॉटलाइट कार्यक्रम गुजरात के सासन गिर में
“शेर भारत के गौरव, साहस और प्राकृतिक विरासत का प्रतीक है; प्रोजेक्ट लायन गिर क्षेत्र में एशियाई शेरों के दीर्घकालिक संरक्षण को मजबूत कर रहा है: केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री” नई दिल्ली: 14 MAY 2026 / अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन 2026 से पहले आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला के…
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‘Lion’ Species Spotlight Programme at Sasan Gir Gujarat,
*‘Gir’ a living example of how Economic Progress can go hand in hand with Wildlife Conservation through an Ecological Approach: Chief Minister (Gujarat)*. Lion is a symbol of India’s pride, courage and natural heritage; Project Lion strengthening Long-Term Conservation of Asiatic Lions in Gir Landscape: Bhupender Yadav,Union Minister for Environment, Forest and Climate Change. New…
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बिग कैट्स के संरक्षण के लिए जुटेगा विश्व
1 और 2 जून को ‘इंटरनेशनल बिग कैट्स एलाइंस समिट‘ दिल्ली में नई दिल्ली: भारत वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। आगामी 1 और 2 जून को देश की राजधानी नई दिल्ली में ‘इंटरनेशनल बिग कैट्स एलाइंस (IBCA) समिट‘ का आयोजन किया जाएगा। इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य…
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पटना कॉलेज में पौधारोपण-सकोरा वितरण
पटना:12-5-2026 / पटना कॉलेज में एनवायरनमेंट वॉरियर्स एवं हमारी गौरैया के द्वारा वृक्षारोपण एवं पक्षियों के लिए घोंसला एवं सकोरा लगाने का कार्यक्रम रजनीश कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को किया गया। जिसमें पटना कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार के द्वारा वृक्षारोपण किया गया साथ ही महाविद्यालय परिसर में पक्षियों के लिए दाना-पानी के…
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केक के बदले तरबूज काट और पौधारोपण कर मना जन्मदिन
पटना/10 मई2026/ राजधानी पटना के गंगा पथ पर ‘पीपल-नीम-तुलसी कृषि अभियान’ के तत्वावधान में प्रसिद्ध शिक्षक एवं मोटिवेटर प्रेम गांधी का जन्म दिवस एक अनूठे और पर्यावरण-अनुकूल अंदाज में मनाया गया। इस अवसर पर ‘पौधारोपण यज्ञ’ का आयोजन किया गया, जिसमें प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया गया। साथ ही केक की जगह तरबूज काटा गया।…
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धूल नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन में चूक पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली / वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को नोएडा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें सड़कों पर दिखाई देने वाली धूल के स्तर का आकलन करने और शहर में सड़क की सफाई और झाड़ू लगाने के कार्यों की समीक्षा करने पर ध्यान दिया गया। आयोग द्वारा…
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 2026 में पराली जलाने के उन्मूलन को लेकर समीक्षा की
“राज्यों के अधिकारियों ने 2026 में धान की पराली जलाने को समाप्त करने के लिए अपनी कार्य योजनाएं प्रस्तुत कीं।“ नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बुधवार को…
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने आईबीसीए शिखर सम्मेलन 2026 की वेबसाइट एवं लोगो का किया शुभारंभ
“भारत 01-02 जून, 2026 को नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने उन बड़ी बिल्ली प्रजाति वाले देशों से अपील किया जो आईबीसीए में शामिल नहीं हैं कि वे इन प्रजातियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए गठबंधन में शामिल हों। श्री…
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‘द वाइल्ड कॉल’ को सर्वश्रेष्ठ एनीमेशन फिल्म का पुरस्कार
दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2026 नई दिल्ली। बिहार के राजगीर जू सफारी की फिल्म ‘द वाइल्ड कॉल’ को दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2026 में सर्वश्रेष्ठ एनीमेशन फिल्म का पुरस्कार मिला है ‘द वाइल्ड कॉल’ 12 मिनट की अत्याधुनिक 180 डिग्री इमर्सिव एनीमेटेड वन्यजीव फिल्म है। 16वां दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2026, 30…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन
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