Category: News
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बाघ बहुल क्षेत्रों में संरक्षण के साथ आजीविका और आय सृजन पर जोर
नई दिल्ली, 2 सितंबर। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रोजेक्ट टाइगर के तहत भारत की बाघ संरक्षण यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाघों का अस्तित्व जंगलों, घास के मैदानों, नदियों, शिकार प्रजातियों, वन्यजीव गलियारों और स्थानीय समुदायों के स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि…
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भारत-जर्मनी पर्यावरण सहयोग को मिलेगी नई गति, आर्द्रभूमि संरक्षण पर समझौता
नई दिल्ली 9-1-2026/ केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज कहा कि जलवायु परिवर्तन,जैव विविधता का क्षरण, प्रदूषण और संसाधनों की कमी जैसी पर्यावरणीय चुनौतियों के लिए एकीकृत और सहयोगात्मक समाधानों की जरूरत है। श्री यादव ने चौथे भारत-जर्मन पर्यावरण मंच (आईजीईएफ) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि ‘अधिक सुदृढ़ता के…
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प्रदूषण पर सीएक्यूएम की सख्ती कई उल्लंघन पकड़े
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया है। आयोग के प्रवर्तन कार्य बल (ईटीएफ) की 138वीं बैठक में 8 से 23 अगस्त 2026 के बीच एनसीआर में किए गए निरीक्षणों, अनुपालन की स्थिति और उल्लंघन के…
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नदियों से विलुप्त होने की कगार पर ऊदबिलाव
नई दिल्ली। भारत के नदी तंत्र और पानी की शुद्धता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्मूथ-कोटेड ऊदबिलाव अपने ही घर में बेघर होने की कगार पर हैं। वैज्ञानिकों के अध्ययन से पता चला है कि भारत के विशाल गंगा नदी बेसिन में इस संकटग्रस्त जीव के रहने के लिए 0.26 फीसदी हिस्सा…
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“बिहार के पर्यावरण स्तंभ” पुस्तक का हुआ लोकार्पण
पटना :-26/08/2026/ बिहार विधान परिषद सभागार में निशांत रंजन अदिति रॉय तथा अमित कुमार पाण्डेय द्वारा लिखित बिहार के पर्यावरणविदों के जीवनी एवं कार्यों पर आधारित पुस्तक “बिहार के पर्यावरण स्तंभ” का लोकार्पण डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग तथा खान एवं भूतत्व विभाग बिहार सरकार के करकमलों द्वारा किया गया।मौके…
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सूखे से निपटने के लिए भारत ने वैश्विक स्तर पर क्षमता निर्माण का आह्वान किया
उलानबटार, 25 अगस्त। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय (यूएनसीसीडी) के सीओपी-17 में सूखे से निपटने के लिए सक्रिय, तकनीक आधारित और दीर्घकालिक क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। ‘सूखे से निपटने की क्षमता में तेजी लाना’ विषय पर बोलते…
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भारत हाथी संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध
नई दिल्ली,12 अगस्त/ केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर हाथियों और मनुष्यों के लिए साझा भविष्य सुनिश्चित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। केन्द्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि भारत में 14 राज्यों में 33 हाथी…
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ग्रीन इंडिया मिशन के तहत 1.84 लाख हेक्टेयर भूमि का हुआ पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के ग्रीन इंडिया मिशन (जीआईएम) के तहत देश में क्षरित वन एवं गैर-वन भूमि के पुनर्स्थापन की दिशा में बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। वर्ष 2015-16 से अब तक 17 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 1,84,467 हेक्टेयर भूमि पर पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन का कार्य किया गया है।…
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आरक्षित वनों से आक्रामक विदेशी पौधों को हटाने पर जोर
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आरक्षित और अन्य संरक्षित वन क्षेत्रों में आक्रामक विदेशी पौधों की प्रजातियों (आईएपीएस) के नियंत्रण तथा स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा उससे जुड़ी संस्थाएं इन आक्रामक प्रजातियों की पहचान और निगरानी कर रही हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु…
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मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम पर संसदीय परामर्श समिति की बैठक
नई दिल्ली ,5 अगस्त/ पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कई राज्यों में मानव -वन्यजीव टकराव को कम करने और स्थान-विशिष्ट प्रबंधन दृष्टिकोण की जरूरत पर बल दिया है। आज नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की संसदीय परामर्श समिति…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन










