जैव विविधता के संरक्षण में आम लोगों की सहभागिता महत्वपूर्ण

*अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026* पटना : 22-5-2026 / अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 के अवसर पर बिहार राज्य जैव विविधता परिषद द्वारा आज दिनांक 22 मई 2026 को अरण्य भवन, पटना स्थित संजय सभागार में मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ० राम चंद्र प्रसाद, मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु…

*अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026*

पटना : 22-5-2026 / अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 के अवसर पर बिहार राज्य जैव विविधता परिषद द्वारा आज दिनांक 22 मई 2026 को अरण्य भवन, पटना स्थित संजय सभागार में मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ० राम चंद्र प्रसाद, मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार तथा विशिष्ट अतिथि आनंद किशोर, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ० राम चंद्र प्रसाद ने जैव विविधता की चर्चा करते हुए कहा कि जैव विविधता के संरक्षण में आम लोगों की सहभागिता महत्वपूर्ण है उन्होंने इसे बनाये रखने के लिए जन भागीदारी का आह्वान किया। मौके पर चित्रकारी, फोटोग्राफी एवं क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को बधाई एवं शुभकामना दी। वहीँ, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग आनंद किशोर ने जैव विविधता की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए आज के समय में पर्यावरण एवं प्रकृति के विभिन्न आयामों में विभाग के दायित्व की चर्चा की। और, जैव विविधता के संरक्षण में कृत संकल्पित होकर प्रयास करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान बिहार राज्य जैव विविधता परिषद् द्वारा तैयार की गई ”वनों से बाहर भी वास करने वाले वन्य जंतु – संरक्षण संदर्भ” नामक जन विज्ञान पुस्तिका का विमोचन हुआ। “पशुधन जैव विविधता” विषयक Documentary Film के विमोचन के साथ इसकी प्रस्तुति भी हुई। जैव विविधता विषय पर पटना जू में आयोजित चित्रकारी, फोटोग्राफी एवं क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया और विजेता प्रतिभागियों का अतिथियों के साथ फोटोग्राफी कराया गया। इसके पूर्व मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत भारत ज्योति, अध्यक्ष, बिहार राज्य जैव विविधता परिषद् द्वारा किया गया। इस क्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह के साथ सम्मानित भी किया गया।

मौके पर अरविंदर सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख), बिहार, प्रभात कुमार गुप्ता, प्रबंध निदेशक, बिहार वानिकी विकास निगम लिमिटेड, सुरेन्द्र सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, कैम्पा के साथ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा बिहार राज्य जैव विविधता परिषद् के अन्य वरीय पदाधिकारी एवं कर्मियों की उपस्थिति रही। अंत में श्री अमित कुमार, सचिव, बिहार राज्य जैव विविधता परिषद् द्वारा अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

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संयोजक

 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

*सम्पादक -डॉ .लीना

*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।

हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में

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