पर्यावरण संरक्षण,प्रदूषण नियंत्रण के लिए पदयात्रा

पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा ध्वनि समेत वायु प्रदूषण को लेकर जन जागरूकता के लिए ‘पर्यावरण के लिए पदयात्रा’ का आयोजन पटना,30 मई 2026: बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा बिहार ओलम्पिक एसोसिऐशन के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण , प्रदूषण नियंत्रण तथा ध्वनि समेत वायु प्रदूषण के संबंध में जन-सामान्य, विशेषकर युवा पीढ़ी में चेतना…

पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा ध्वनि समेत वायु प्रदूषण को लेकर जन जागरूकता के लिए ‘पर्यावरण के लिए पदयात्रा’ का आयोजन

पटना,30 मई 2026: बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा बिहार ओलम्पिक एसोसिऐशन के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण , प्रदूषण नियंत्रण तथा ध्वनि समेत वायु प्रदूषण के संबंध में जन-सामान्य, विशेषकर युवा पीढ़ी में चेतना अभिवर्धित करने एवं उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को प्रातः 06 बजे से पटना के गांधी मैदान, गेट संख्या-01 से आयकर गोलम्बर, पटना तक जाकर वापस गांधी मैदान तक ‘पर्यावरण के लिए पदयात्रा’ का आयोजन किया गया। इस यात्रा से आम जनों में पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिये जाने का प्रयास किया गया है।

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘पर्यावरण के लिए पदयात्रा’ में शामिल होने को एकत्र हुए विभिन्न संस्थानों के लगभग 600 छात्र, छात्रा, युवा व प्रौढ प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के अध्यक्ष, डाॅ. डी.के. शुक्ला ने कहा कि हम अपनी जीवन शैली में बदलाव लाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना सहयोग दे सकते हैं । छोटी दूरी के लिए हमें पैदल अथवा साइकिल का उपयोग करना चाहिए। हम अपने छोटे-छोटे प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण के बड़े लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
आज के इस पदयात्रा के सहभागी बिहार ओलम्पिक एसोसिऐषन के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि देश के हर नागरिक को ध्वनि – वायु प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित इस पदयात्रा द्वारा जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को करने में लोगो को प्रेरित करने में सहायक होगा।
इस अवसर पर राज्य पर्षद् के सदस्य-सचिव, नीरज नारायण, भा.व.से. ने कहा कि इस पदयात्रा का उद्देश्य जन-सामान्य में यह संदेश देना है वर्तमान वैश्विक चुनौती का सामना करते हुए हम देश के विकास में सहभागी हो सकते हैं।


पदयात्रा में शामिल एस. चन्द्रशेखर, भा.व.से. मुख्य वन संरक्षक, बिहार ने स्वस्थ्य जीवन के लिए स्वच्छ पर्यावरण की आवश्यकता पर बल दिया।
पदयात्रा में भाग लेने आए राहुल कुमार, भा.प्र.से., प्रबंध निदेशक, उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने कहा कि हमारे स्वास्थ्य एवं पृथ्वी के स्वास्थ्य के लिए ऐसे आयोजन प्रेरणादायक हैं।
इस पदयात्रा में राज्य पर्षद् के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों, विभिन्न संगठनों यथा- बिहार ओलम्पिक एसोशिऐशन, बिहारी रनर्स, पटना कल्चरल इवेंट्स एवं आम नागरिकों ने भाग लिया। प्रारंभ में पदयात्रा में शामिल सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली अपनाने एवं दूसरे को भी इस हेतु प्रेरित करने का शपथ ग्रहण किया।

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संयोजक

 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

*सम्पादक -डॉ .लीना

*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।

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