Category: News

  • पर्यावरणीय योद्धाओं  को मिला ‘इको वॉरियर’ पुरस्कार

    पर्यावरणीय योद्धाओं को मिला ‘इको वॉरियर’ पुरस्कार

    नई दिल्ली /केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 29 सितम्बर को नई दिल्ली में चौथे ‘इको वॉरियर’ पुरस्कार समारोह और ‘इको वॉरियर’ सम्मेलन की  अध्यक्षता की। इन कार्यक्रमों को भारतीय वन सेवा संघ (आईएफएसए) और ‘इंडियन मास्टरमाइंड्स’ ने आयोजित किया। वन, वन्यजीवन और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने…

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  • दिल्ली में वायु प्रदूषण पर केंद्र और दिल्ली सरकार की उच्चस्तरीय बैठक

    दिल्ली में वायु प्रदूषण पर केंद्र और दिल्ली सरकार की उच्चस्तरीय बैठक

    37 हॉटस्पॉट पर 10 अक्टूबर तक जनभागीदारी, प्रदूषण के स्रोतों पर समन्वित कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान नई दिल्ली, 28 सितंबर। दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर वायु…

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  • खतरे में बांधवगढ़-अचानकमार टाइगर कॉरिडोर !

    खतरे में बांधवगढ़-अचानकमार टाइगर कॉरिडोर !

    बांधवगढ़-अचानकमार टाइगर कॉरिडोर पर खतरा मंडराने लगा है। यहां आसपास खनन का दबाव लगातार बढ़ रहा है। जुलाई के बाद से महज दो महीनों में चौथी कोयला परियोजना को मंजूरी मिली है। इनमें एक खदान कॉरिडोर से सिर्फ 53 मीटर दूर है। बाघों की आवाजाही और जैव विविधता के लिए अहम इस कॉरिडोर के आसपास…

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  • वन्यजीव संरक्षण और सहअस्तित्व: स्थानीय समुदायों की भागीदारी से ही संभव -भूपेंद्र यादव

    वन्यजीव संरक्षण और सहअस्तित्व: स्थानीय समुदायों की भागीदारी से ही संभव -भूपेंद्र यादव

    जयपुर, 21 सितंबर। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने वन्यजीव संरक्षण के लिए स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व पर वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि संरक्षण की सफलता केवल संरक्षित क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसके लिए समुदायों को…

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  • ‘इंटरनेशनल रेड पांडा डे’ : अद्भुत छोटा स्तनधारी जीव

    ‘इंटरनेशनल रेड पांडा डे’ : अद्भुत छोटा स्तनधारी जीव

    पटना, 19 सितंबर 2026/ पटना यूनिवर्सिटी, पटना के ज़ूलॉजी (प्राणी विज्ञान) विभाग में आज ‘इंटरनेशनल रेड पांडा डे’ मनाया गया। 🐼 हर साल सितंबर के तीसरे शनिवार को ‘इंटरनेशनल रेड पांडा डे’ मनाया जाता है। यह दिन एशिया के सबसे अनोखे और कम जाने-पहचाने स्तनधारी जीवों में से एक, रेड पांडा के बारे में जागरूकता…

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  • ‘पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य’ विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

    प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में सम्मेलन का किया उद्घाटन।साथ ही एनजीटी मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च की।दो दिवसीय सम्मेलन में वैश्विक हितधारक एक साथ आकर वैश्विक पर्यावरणीय और जलवायु चुनौतियों पर सहयोगात्मक कार्रवाई पर होगा विचार-विमर्श। नई दिल्ली,19 सितम्बर/प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘पर्यावरण…

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  • पर्यावरणीय मानकों के गंभीर उल्लंघन के मामले में बिहार  राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की बड़ी कार्रवाई

    पर्यावरणीय मानकों के गंभीर उल्लंघन के मामले में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की बड़ी कार्रवाई

    पटना। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने पर्यावरणीय मानकों के गंभीर उल्लंघन के मामले में दरभंगा और पटना स्थित दो औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। दोनों इकाइयों में बहिःस्राव उपचार संयंत्र (ईटीपी) ठीक से संचालित नहीं पाए गए और अनुपचारित बहिःस्राव को बाहर निकालने के मामले सामने आए हैं। पर्षद द्वारा जल…

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  • कूनो नेशनल पार्क में चीता संरक्षण को मिली बड़ी कामयाबी

    कूनो नेशनल पार्क में चीता संरक्षण को मिली बड़ी कामयाबी

    मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से चीता संरक्षण को लेकर बड़ी कामयाबी सामने आई है। भारत में जन्मी मादा चीता केजीपी12 ने चार नए शावकों को जन्म दिया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चीता और उसके चार शावकों का वीडियो साझा किया।भूपेंद्र यादव…

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  • ओजोन परत संरक्षण के लिए हो सामूहिक प्रयास

    ओजोन परत संरक्षण के लिए हो सामूहिक प्रयास

    जोन दिवस पर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की ओर से संगोष्ठी आयोजित पटना, 16 सितंबर। हर वर्ष 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पृथ्वी के समताप मंडल में मौजूद ओजोन परत के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। ओजोन परत सूर्य से आने वाली…

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  • वायु प्रदूषण पर जीरो टॉलरेंस, हॉटस्पॉट पर  हो कार्रवाई

    वायु प्रदूषण पर जीरो टॉलरेंस, हॉटस्पॉट पर हो कार्रवाई

    केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एनसीआर राज्यों के समन्वित प्रयासों की समीक्षा की…राज्यों ने वायु प्रदूषण रोकने के लिए संबंधित पक्षों की भागीदारी और व्यवहार में परिवर्तन पर ध्यान देते हुए विस्तृत और व्यावहारिक कार्य-योजनाएं तैयार कीं…एसपीसीबी को प्रदूषण हॉटस्पॉट पर ध्यान देना चाहिए और नियमों का पालन न करने…

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संयोजक

 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

*सम्पादक -डॉ .लीना

*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“

हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में

यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।

हमें आप लिख सकते हैं …आप हमें  📩 ईमेल करें: ilovesparrow68@gmail.com

🐦 आपकी भागीदारी जरूरी है: अगर आपके पास गौरैया और पर्यावरण संरक्षण संरक्षण से जुड़े अनुभव, प्रेरक कहानियाँ, कविताएँ, गीत या शोधपरक आलेख हैं, तो हमें ज़रूर भेजें।

www.ilovesparrow.com वेबसाईट का उद्देश्य साफ़ है घर -घर गौरैया संरक्षण की पहल हो..साथ ही पर्यावरण का भी संरक्षण हो।

सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन