Author: admin
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Silent Symphony: Save Biodiversity
*Amisha Kumari / Every morning, before the world fully awakens, nature begins its silent performance. Birds sing from hidden branches, sunlight slips gently through leaves, rivers continue their endless journey, and flowers bloom without seeking applause. These small moments, often ignored in the rush of human life, are not ordinary occurrences — they are living…
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जैव विविधता: धरती की सांस, हमारी ज़िंदगी
*रिम्पी ऐश्वर्य/ जैव विविधता (Biodiversity) एक ऐसी प्रणाली जिसमें विभिन्न प्रकार के जीव (जैसे- पौधे, जानवर, सूक्ष्म जीव, कवक, इत्यादि) एक-दूसरे के साथ परस्पर संबंध स्थापित कर हमारे आस-पास के परिस्थितिक तंत्र(Ecosystem)और पर्यावरण को स्वस्थ और अनुकूल बनाते हैं। हम सभी की जिंदगी एक दूसरे के बराबर सहयोग पर आश्रित है। इसके बहुत उदहरण हैं…
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पर्यावरण संकट से मुक्ति में आम नागरिकों की भागीदारी
प्रो. श्याम नंदन प्रसाद / आज पूरी दुनिया पर्यावरण संकट से जूझ रही है । इस संकट से मुक्ति पाने की दिशा में सरकारी स्तर पर निःसंदेह प्रयास किए जा रहे हैं, किंतु आम नागरिकों की भागीदारी के बिना इस लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51- A (g) के अंतर्गत…
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बढ़ता तापमान : गौरैया के लिए जीना मुहाल
संजय कुमार / बचपन की यादों में मई-जून की वह तपती दोपहरी आज भी जिंदा है, जब दादी कहती थीं,घर से बाहर मत निकलो, लू लग जाएगी।उस तपती धूप में भी घर के आंगन में रखी नांद या पानी से भरी बाल्टी पर कई गौरैया चोंच खोले पानी पीती दिख जाती थीं। आज भी वही…
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दो बाघों का शिकार चारों टांग कटी मिली
हरिद्वार.वास/ वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज के जंगल में दो बाघों का शिकार किया गया है। दोनों बाघों के क्षत-विक्षत शव मिलने से वन प्रभाग में हड़कंप मच गया है। मृत बाघों में एक दो वर्ष का नर और एक मादा बाघ शामिल है, जिनके चारों पैर कटे हुए मिले हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार,…
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कॉर्बेट के दो हाथी रहस्यमय ढंग से लापता
“बाघों की सुरक्षा के लिए 2016 में कर्नाटक से लाए गए थे दोनों” रामनगर, संवाददाता। कॉर्बेट/ नेशनल पार्क के झिरना रेंज में दो पालतू हाथी मंगलवार शाम रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। पार्क प्रशासन के अनुसार, आशंका है कि ये दोनों हाथी जंगली हाथियों के झुंड के साथ कहीं चले गए हैं। घंटों खोज…
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गंभीर संकट बना महासागरों में बढ़ता प्लास्टिक कचरा
जनसत्ता संवाद/ महासागरों में बढ़ता प्लास्टिक कचरा गंभीर वैश्विक संकट बन चुका है। इस संकट पर काबू पाने के लिए तकनीकी उपाय पर जोर दिया जा रहा है। इसका असली समाधान प्लास्टिक की खपत घटाने और टिकाऊ विकल्प अपनाने में है।समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण इस सदी की सबसे बड़ी पर्यावरणीय और नीतिगत चुनौतियों में से एक…
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पर्यावरण संरक्षण के लिए डॉ.नंदीपति तिवारी तथा प्रो.अवध किशोर पाण्डेय का चयन
निशांत रंजन/पटना :19.5.20 26 / र्यावरण संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी डॉ. नंदीपति तिवारी तथा प्रो. अवध किशोर पाण्डेय का चयन समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रणी एवं प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्था कमलादेवी जनसेवा संस्थान द्वारा प्रदान किए जाने वाले अति प्रतिष्ठित “पर्यावरण मित्र सम्मान 2026” के लिए किया…
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जलवायु परिवर्तन से बढ़ रहा लोगों में अकेलापन
अधिक गर्मी से लोगों को बाहर निकलना हो रहा मुश्किल सिडनी, एजेंसी। जलवायु परिवर्तन को पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा माना जाता था, लेकिन दावा किया गया कि यह लोगों के सामाजिक रिश्तों और आपसी जुड़ाव को भी कमजोर कर रहा है। सिडनी विश्वविद्यालय के नए अध्ययन में पाया गया कि बढ़ती गर्मी,…
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सोनपुर मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पर्यावरण जन जागरूकता
सोनपुर : 18 मई 2026/ विश्व पर्यावरण दिवस के मद्देनजर सोमवार को सोनपुर मंडल के अंतर्गत विभिन्न प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के बीच व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा स्वच्छ एवं हरित जीवनशैली को बढ़ावा देना था। अभियान के दौरान यात्रियों…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन
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