Author: admin
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चोंच से पहचाने गौरैया को
संजय कुमार / घरेलू गौरैया को चोंच से पहचाना जा सकता है। गौरैया की चोंच बहुत मजबूत होती है। युवा अवस्था में घरेलू नर-मादा गौरैया की चोंच का रंग हलका गुलाबी होता है। लेकिन, जैसे जैसे प्रजनन काल आता है गहरा भूरा (काला) हो जाता है। नर और मादा के चोंच के ऊपर रोमछिद्र होता है…
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‘एक गौरैया जो शहीद कहलाई : अहमदाबाद की अनोखी पट्टिका’
संजय कुमार / एक अद्वितीय स्मारक गुजरात के अहमदाबाद में है। जो एक गौरैया पक्षी को समर्पित है। यह स्मारक यानी पट्टिका खुद में अनूठी है। क्योंकि संभवतः दुनिया का एकमात्र स्मारक है जो एक पक्षी गौरैया की शहादत को समर्पित है। ग़ौरैया संरक्षण में लगे गौरैया प्रेमियों के लिये यह जानकारी रोचक है। गौरैया …
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गौरैया संरक्षण से दूसरी चिड़ियों का भी संरक्षण
संजय कुमार/ पक्षियों के संसार से कई पक्षी गायब हो गये हैं। कई कगार पर हैं। गिद्ध अब नहीं के बराबर दिखते हैं। कई मोहल्लों से कौआ गायब हो चुका है। घर आँगन की नन्ही चिड़ियाँ गौरैया अब नहीं दिखती है। कई चिड़ियों का नहीं दिखना यानि गायब हो जाना गंभीर सवाल है। देखा जाये…
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सोनकंठी गौरैया के सालिम अली
संजय कुमार / गौरैया संरक्षण की बात हो और सालिम अली की चर्चा न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। जिनको गौरैया की एक खास प्रजाति यानि सोन कंठ वाली या पीले (पीत कंठी) गले वाली चिड़िया ने पक्षी वैज्ञानिक बना दिया था। तो पहले जानते है सालिम अली आखिर थे कौन। डॉ। सालिम मोइज़ुद्दीन…
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मेरिलबोन क्रिकेट क्लब में है ‘स्पैरो ऑफ लॉर्ड्स’ स्मृति चिन्ह
संजय कुमार / यों तो विश्व भर में महान विभूतियों, सैनिकों और नेताओं की स्मारक या मूर्तियां चौक – चौराहों या प्रमुख स्थलों पर लगी मिल जायेगी। लेकिन मेरिलबोन क्रिकेट क्लब के म्यूजियम में रखा ‘स्पैरो ऑफ लॉर्ड्स’ स्मृति चिन्ह अपने आप में में अद्वितीय है, जो गौरैया और क्रिकेट के बीच संवेदनशीलता का रिश्ता…
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Sparrows: Cricket, martyrdom and monuments
The Sparrow of Lords, a memento of a sparrow sitting on a cricket ball, conveys compassion and deep love for nature and all living beings, as well as a message of conservation Sanjay Kumar/You will find memorials or statues of great personalities, soldiers, and leaders around the world in squares or prominent places. But the ‘Sparrow…
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गौरैया का ‘मैजिक लॉक’ पैर, तारों की रानी गौरैया
संजय कुमार / गौरैया के पैर में तीन नाख़ून आगे और एक पीछे होता है जो बहुत ही मजबूत होते हैं, जो उसे पतले तार पर पकड़ बनाने में मदद करते हैं। गौरैया पतले-मोटे तार पर बहुत ही आसानी और आराम से बैठ जाती है, जैसे कि वह एक आरामदायक कुर्सी पर बैठी हो। गौरैया…
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छोटा सा ई-मेल लिखने में एआई सोख जाता है आधा बोतल पानी
चेतावनीनई दिल्ली/कैलिफोर्निया, एजेंसी। जिस एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) को हम अपनी सुविधा के लिए महज एक खिलौना समझ बैठे हैं, वह धीरे-धीरे हमारी धरती की प्यास बढ़ा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जब आप खुद दिमाग न चलाकर किसी एआई प्लेटफॉर्म से मात्र 100 शब्दों का एक छोटा सा ई-मेल लिखवाते हैं, तो उसके सर्वर को…
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पर्यावरण के खतरों से आगाह करती संजय कुमार की पुस्तक : जल जीवन हरियाली
निशांत रंजन/ विकास की अंधी दौड़, नये-नये आविष्कारों की स्पर्धा, जनसंख्या की निरंतर वृद्धि, औद्योगीकरण एवं शहरीकरण की आपाधापी से प्रकृति के संतुलन में बिगाड़ आदि परिस्थितियों ने पर्यावरण को खतरे में डाल दिया गया है। ऐसे ही अनेक सवालों को उठाती गौरैयाविद लेखक संजय कुमार की पुस्तक “जल जीवन हरियाली” आई है। पर्यावरण संरक्षण…
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“हरित बिहार, स्वच्छ बिहार” के संकल्प को साकार करने का आह्वान
विश्व पर्यावरण दिवस पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग-सह-युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया पौधारोपणपटना, 05 जून 2026: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग-सह-युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार सरकार के माननीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने अपने सरकारी…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन
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