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राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण को वित्त वर्ष 2025-26 में करोड़ रुपये प्राप्त हुए
नई दिल्ली : 30 मई 2026/ राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) को वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पहुंच और लाभ साझाकरण (एबीएस) व्यवस्था के अंर्तगत 21.26 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। यह राशि अनुसंधान, वाणिज्यिक उपयोग, बौद्धिक संपदा अधिकार, जैव सर्वेक्षण और जैविक संसाधनों के जैव उपयोग के लिए दी गई स्वीकृतियों से प्राप्त हुई है।…
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National Biodiversity Authority Realises Rs. 21.26 Crore
New Delhi : 30-5-2026/ The National Biodiversity Authority (NBA) has realised Rs. 21.26 crore under the Access and Benefit Sharing (ABS) mechanism during the financial year 2025–26. The amount was generated from approvals granted for research, commercial utilisation, intellectual property rights, bio-survey and bio-utilisation of biological resources, reflecting growing industry participation in India’s biodiversity governance…
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पर्यावरण संरक्षण,प्रदूषण नियंत्रण के लिए पदयात्रा
पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा ध्वनि समेत वायु प्रदूषण को लेकर जन जागरूकता के लिए ‘पर्यावरण के लिए पदयात्रा’ का आयोजन पटना,30 मई 2026: बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा बिहार ओलम्पिक एसोसिऐशन के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण , प्रदूषण नियंत्रण तथा ध्वनि समेत वायु प्रदूषण के संबंध में जन-सामान्य, विशेषकर युवा पीढ़ी में चेतना…
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पक्षियों की दुनिया है खूबसूरत, इंसानों से कम रंगीन नहीं
संजय कुमार / पक्षियों की अपनी अलग दुनिया है। बनावट में इन्सान से बिलकुल अलग,लेकिन कई मामलों में एक सा। गौरैया, कौआ, तोता, मैना,पंडुक, बुलबुल, दहियर आदि लगभग 77 चिड़ियों का संसार प्यार -रोमांस,खानपान,झड़प आदि में माहिर है। पक्षी यानि जिसके पंख होते हैं, दांत रहित, चोंच वाले जबड़े होते हैं और अंडे देते हैं’।…
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FOR FEARLESS FLIGHT OF SPARDOWS
“IIS officer Sanjay Kumar champions the survival of the humble house sparrow with unwavering dedication and innovative efforts, writes Ramashankar” THE SUNDAY STANDARD. NEW DELHI SUNDAY. 25 AUGUST 2024 / IN the serene corners of Bihar, where the old old world charm meets the relentless pace of mo-dernity, a story, both touching and inspira-tional, unfolds.…
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गर्मी पांच साल में तोड़ सकती है सभी रिकॉर्ड
संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026-2030 के लिए जारी की चेतावनी, अगला साल हो सकता है सबसे गर्म नई दिल्ली/वाशिंगटन, एजेंसी। अगर आपको लगता है कि इस साल की गर्मी असहनीय है तो आने वाले दिन और भी भयानक हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र और विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ताजा रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के…
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CAQM Revokes Stage-I of GRAP Across NCR with Immediate Effect as Delhi AQI Improves
New Delhi, 29 MAY 2026 / The Sub-Committee on Graded Response Action Plan (GRAP) of the Commission for Air Quality Management in NCR and Adjoining Areas (CAQM) today revoked all actions under Stage-I of the extant schedule of GRAP across the entire National Capital Region (NCR) with immediate effect, following a significant improvement in Delhi’s…
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गौरैया के लिए लगायें झाड़ीनुमा पेड़
संजय कुमार/ गौरैया को झाड़ी पसंद है, इसलिए क़ि उसके लिये छुपने, आराम और सुरक्षा के लिये बेहतर जगह है। झाड़ी में वह शिकारी पशु-पक्षियों जैसे बिल्ली, सांप, बाज आदि के हमले से आसानी से अपना बचवा करती है। बाड़, देशी झाड़ियाँ, बोगनवेलिया, कनेल, सूरजमुखी, कॉसमॉस, मेहंदी, मधुमालती, करौंदा आदि की झाड़ी इनको खास पसंद…
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‘I Love Sparrow’ important book on sparrow conservation
Aditi Roy/This book ‘I Love Sparrow’ has covered each and every dimension of the sparrows, which is a small bird having unique appearance holding significant place in the life of people. This book consists of thirty-two sub-topics or chapters covering sparrow holistically. First of its kind, this book put forwards all the efforts a man…
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जब इंसान ने प्रकृति से जंग हारी : गौरैया का नरसंहार
“चीन में 1958 में माओ त्से-तुंग ने ग्रेट लीप फॉरवर्ड के तहत अभियान शुरू किया और, चूहे,मक्खी,मच्छर और गौरैया को मारने का आदेश दिया “ संजय कुमार/चीन में जब गौरैया को चुन-चुन कर मारा जा रहा था, तब गौरैया छुपने के लिए सुरक्षित स्थान पर जाने लगी थी। झुंड बनाकर गौरैया, पीकिंग स्थित पोलैंड के…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।
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www.ilovesparrow.com वेबसाईट का उद्देश्य साफ़ है घर -घर गौरैया संरक्षण की पहल हो..साथ ही पर्यावरण का भी संरक्षण हो।
सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन
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