Author: admin
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केक के बदले तरबूज काट और पौधारोपण कर मना जन्मदिन
पटना/10 मई2026/ राजधानी पटना के गंगा पथ पर ‘पीपल-नीम-तुलसी कृषि अभियान’ के तत्वावधान में प्रसिद्ध शिक्षक एवं मोटिवेटर प्रेम गांधी का जन्म दिवस एक अनूठे और पर्यावरण-अनुकूल अंदाज में मनाया गया। इस अवसर पर ‘पौधारोपण यज्ञ’ का आयोजन किया गया, जिसमें प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया गया। साथ ही केक की जगह तरबूज काटा गया।…
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धूल नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन में चूक पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली / वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को नोएडा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें सड़कों पर दिखाई देने वाली धूल के स्तर का आकलन करने और शहर में सड़क की सफाई और झाड़ू लगाने के कार्यों की समीक्षा करने पर ध्यान दिया गया। आयोग द्वारा…
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 2026 में पराली जलाने के उन्मूलन को लेकर समीक्षा की
“राज्यों के अधिकारियों ने 2026 में धान की पराली जलाने को समाप्त करने के लिए अपनी कार्य योजनाएं प्रस्तुत कीं।“ नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बुधवार को…
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गौरैया की डोर काटती पतंग-चाइनीज मांझा
संजय कुमार / गौरैया / पतंग की डोर मजबूत हो उसके लिए चाइनीज मांझा यानि लेड कोडेड नायलॉन/सिंथेटिक धागा जहाँ अपनी अत्यधिक मजबूती और धार के कारण दूसरे पतंग की डोर काट रहा है वही, गौरैया, कबूतर, मोर सहित अनगिनत पक्षियों के जीवन की डोर को काट, उनके लिए ‘काल’ बना हुआ है। यह धागा…
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने आईबीसीए शिखर सम्मेलन 2026 की वेबसाइट एवं लोगो का किया शुभारंभ
“भारत 01-02 जून, 2026 को नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने उन बड़ी बिल्ली प्रजाति वाले देशों से अपील किया जो आईबीसीए में शामिल नहीं हैं कि वे इन प्रजातियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए गठबंधन में शामिल हों। श्री…
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प्रफुल्ल भाई पटेल ने जन्म दिन पर नि:शुल्क घोंसला वितरित कर बनाई पहचान
हिम्मतनगर / यह कहानी है गुजरात राज्य के अरवली जिले के साढंबा के पास में आए हुए एक छोटे से गांव दोलपुरा में जन्मे प्रफुल्ल भाई पटेल की उनको बचपन से ही पंछियों के प्रति लगाव था। जैसे-जैसे बड़े होते गए वैसे-वैसे पंछियों के प्रति उनका प्यार बढ़ता गया। पंछियों के लिए कुछ करना है…
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‘द वाइल्ड कॉल’ को सर्वश्रेष्ठ एनीमेशन फिल्म का पुरस्कार
दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2026 नई दिल्ली। बिहार के राजगीर जू सफारी की फिल्म ‘द वाइल्ड कॉल’ को दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2026 में सर्वश्रेष्ठ एनीमेशन फिल्म का पुरस्कार मिला है ‘द वाइल्ड कॉल’ 12 मिनट की अत्याधुनिक 180 डिग्री इमर्सिव एनीमेटेड वन्यजीव फिल्म है। 16वां दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2026, 30…
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के प्रवर्तन कार्य बल की 130वीं बैठक
“वायु प्रदूषण को प्रभावी तरीके से कम करने के लिए कड़े प्रवर्तन, बेहतर डेटा की सटीकता में सुधार, मजबूत अंतर-एजेंसी समन्वय एवं निर्धारित पर्यावरणीय मानदंडों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर दिया गया बल दिया” नई दिल्ली ,5मई 2026/ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) एवं आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम)…
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कम हो रही है गौरैया की आबादी?
संजय कुमार/ गौरैया / घर-आँगन, छत और मुंडेर पर बैठ चींचीं करने वाली गौरैया आज कहीं दिखती है, तो कहीं एक दम से नहीं दिखती है। पर्यावरणविदों के लिए गौरैया का गायब होना चिंता का विषय है कि पिछले कुछ दशकों में गौरैया की आबादी में 60% से 80% तक की भारी गिरावट देखी गई…
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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम
पटना /4-5-2026 । देश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 01 अप्रैल, 2026 से लागू ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के संबंध में जागरूकता अभिवर्धित करने के उद्देश्य से बिहार के सभी शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में जनित ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए नियमावली के विभिन्न प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन
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