Author: admin
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पक्षियों की चहचहाहट बताएगी संख्या, एआई करेगा गणना
मोहन भट्ट/ हल्द्वानी। उत्तराखंड में पहली बार पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों की संख्या का पता लगाने के लिए ‘वाइल्डलाइफ एकॉस्टिक रिकॉर्डर’ और एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।हल्द्वानी वन प्रभाग में करीब एक सप्ताह पहले शुरू की गईइस अनूठी पहल के तहत चार विशेष रिकॉर्डर खरीदे गए हैं। इन्हें वन प्रभाग की पांचों…
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घरेलू गौरैया IUCN रेड लिस्ट में, श्रेणी कम चिंताजनक
संजय कुमार / घरेलू गौरैया (House Sparrow – Passer domesticus) मनुष्य के सबसे निकट रहने वाले पक्षियों में से एक है। कभी यह हर आँगन, छत और खपरैल वाले घर की पहचान हुआ करती थी, लेकिन आज कई शहरों,गाँवों और कस्बों में इसकी चहचहाहट सुनाई देना दुर्लभ होता जा रहा है। यही कारण है कि…
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सोनपुर मंडल ने चलाया जल एवं ऊर्जा संरक्षण जागरूकता अभियान
सोनपुर,01 जून 2026/ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देने हेतु सोनपुर रेल मंडल द्वारा विभिन्न जागरूकता एवं संरक्षणात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस क्रम में उत्पादन इकाइयों तथा अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों में जहां भी संभव हो, जल पुनर्चक्रण (Water Recycling) सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया…
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भारत की पहली डॉल्फिन एम्बुलेंस से गोंडा में बचाव अभियान
भारत की पहली गंगा डॉल्फिन रेस्क्यू एम्बुलेंस से एक गांगेय डॉल्फिन को पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में बचाया गया। गोंडा में एक सिकुड़ती हुई नहर में फंसी गंगा नदी की डॉल्फिन को भारत की पहली डॉल्फिन एम्बुलेंस की मदद से 13 घंटे के ऑपरेशन के बाद बचाया लिया गया। यह मोबाइल यूनिट फंसे हुए डॉल्फिनों…
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वैंकूवर में है गौरैया की विशालकाय मूर्ति
संजय कुमार / ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा में समुद्री किनारे पर स्थित ‘द बर्ड्स’ शहर से चर्चित शहर वैंकूवर है, जहाँ गौरैया- हाउस स्पैरो की विशालकाय मूर्ति लगी है। द बर्ड्स में मायफैनवी मैकलेओड द्वारा घरेलू गौरैया को चित्रित करने वाली बाहरी मूर्तियों की एक जोड़ी शामिल है, जिसे 2010 के शीतकालीन ओलंपिक के बाद दक्षिणपूर्व…
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राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण को वित्त वर्ष 2025-26 में करोड़ रुपये प्राप्त हुए
नई दिल्ली : 30 मई 2026/ राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) को वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पहुंच और लाभ साझाकरण (एबीएस) व्यवस्था के अंर्तगत 21.26 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। यह राशि अनुसंधान, वाणिज्यिक उपयोग, बौद्धिक संपदा अधिकार, जैव सर्वेक्षण और जैविक संसाधनों के जैव उपयोग के लिए दी गई स्वीकृतियों से प्राप्त हुई है।…
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National Biodiversity Authority Realises Rs. 21.26 Crore
New Delhi : 30-5-2026/ The National Biodiversity Authority (NBA) has realised Rs. 21.26 crore under the Access and Benefit Sharing (ABS) mechanism during the financial year 2025–26. The amount was generated from approvals granted for research, commercial utilisation, intellectual property rights, bio-survey and bio-utilisation of biological resources, reflecting growing industry participation in India’s biodiversity governance…
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पर्यावरण संरक्षण,प्रदूषण नियंत्रण के लिए पदयात्रा
पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा ध्वनि समेत वायु प्रदूषण को लेकर जन जागरूकता के लिए ‘पर्यावरण के लिए पदयात्रा’ का आयोजन पटना,30 मई 2026: बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा बिहार ओलम्पिक एसोसिऐशन के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण , प्रदूषण नियंत्रण तथा ध्वनि समेत वायु प्रदूषण के संबंध में जन-सामान्य, विशेषकर युवा पीढ़ी में चेतना…
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पक्षियों की दुनिया है खूबसूरत, इंसानों से कम रंगीन नहीं
संजय कुमार / पक्षियों की अपनी अलग दुनिया है। बनावट में इन्सान से बिलकुल अलग,लेकिन कई मामलों में एक सा। गौरैया, कौआ, तोता, मैना,पंडुक, बुलबुल, दहियर आदि लगभग 77 चिड़ियों का संसार प्यार -रोमांस,खानपान,झड़प आदि में माहिर है। पक्षी यानि जिसके पंख होते हैं, दांत रहित, चोंच वाले जबड़े होते हैं और अंडे देते हैं’।…
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FOR FEARLESS FLIGHT OF SPARDOWS
“IIS officer Sanjay Kumar champions the survival of the humble house sparrow with unwavering dedication and innovative efforts, writes Ramashankar” THE SUNDAY STANDARD. NEW DELHI SUNDAY. 25 AUGUST 2024 / IN the serene corners of Bihar, where the old old world charm meets the relentless pace of mo-dernity, a story, both touching and inspira-tional, unfolds.…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन
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