Author: admin
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डीजे से परेशान परिवार फ्लैट छोड़ होटल में ठहरा, केस दर्ज
गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। वेव सिटी की ड्रीम होम्स सोसाइटी में डांडिया कार्यक्रम के दौरान देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले में पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि डायल-112 पर शिकायत करने और पुलिस के मौके पर पहुंचकर समझाने के बावजूद डीजे की आवाज कम नहीं…
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रसेट गौरैया: भूरे मुकुट और आकर्षक पंखों वाली खूबसूरत चिड़िया
संजय कुमार / रसेट गौरैया (Passer rutilans) गौरैया परिवार का एक सुंदर पक्षी है, जो अपने आकर्षक रंग-रूप और विशिष्ट पहचान के कारण पक्षी प्रेमियों का ध्यान खींचता है। इसके सिर पर भूरे रंग का मुकुट जैसा हिस्सा और छाती पर दिखाई देने वाली भूरी आभा इसे दूसरी गौरैयाओं से अलग पहचान देती है। इसके…
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PETA इंडिया ने पशुओं को क्रूरता से बचाने आयोजित किया कार्यशाला
त्रिशूर / पशुओं को क्रूरता से बचाने और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने को लेकर PETA इंडिया द्वारा समय समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता रहा है । इसी कड़ी में PETA इण्डिया ने पुलिस वालों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया क्योंकि इस काम में पुलिस की अहम भूमिका होती है। पशु…
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वन्यजीव है एशियन पाम सिवेट (कस्तूरी बिलाव)
संजय कुमार/ प्रकृति ने इस धरती पर अनेकों अद्भुत और रहस्यमयी जीवों को जगह दी है, जिनमें से कई ऐसे हैं जिनके बारे में हम बहुत कम जानते हैं। ऐसा ही एक अत्यंत रोचक, मासूम सा दिखने वाला और रात्रिचर स्तनधारी वन्यजीव है एशियन पाम सिवेट (Asian Palm Civet), जिसे आम बोलचाल में कस्तूरी बिलाव…
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जलवायु परिवर्तन से गौरैया को खतरा
संजय कुमार / गौरैया की संख्या में कमी या विलुप्ति के पीछे के कारणों में आहार की कमी, बढ़ता आवासीय संकट, कीटनाशक का व्यापक प्रयोग, जीवनशैली में बदलाव, प्रदूषण और मोबाइल फोन टावर से निकलने वाले रेडिएशन को दोषी बताया जाता रहा है, वहीँ एक बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन भी है। केवल गौरैया ही नहीं,…
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शुभंकर-गौरैया : संरक्षण का देता सन्देश
संजय कुमार/ घर आँगन से विलुप्त होती बचपन की नन्ही साथी, किसान मित्र, गौरैया का संरक्षण करने के लिए विश्व भर में मुहिम चल रहे हैं। संरक्षण को लेकर 20 मार्च 2010 को घोषित विश्व गौरैया दिवस से लगातार गौरैया संरक्षण से जन भागीदारी के साथ-साथ सरकारें भी जुड़ चुकी हैं। ‘आई लव स्पैरो’, स्लोगन…
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लोहे की गौरैया: संरक्षण का संदेश
संजय कुमार / बिहार की राजकीय पक्षी गौरैया की चहचहाहट पटना के कंकड़बाग के कई इलाकों में सुनाई पड़ती है, फिर भी पहले वाली बात नहीं है। गौरैया संरक्षण के लिए प्रेरित करती खुद गौरैया लोगों के बीच आई है। पटना के कंकड़बाग चौराहे, टैम्पू स्टैंड के पास पिलर पर 2021 से बैठी लोहे की…
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पटना विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग में ‘राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस’ का आयोजन
पटना, 05 अक्टूबर 2026: पटना विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग में आज ‘राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस’ के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. परिमल कुमार खान ने की। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. गोपाल शर्मा पूर्व वैज्ञानिक एवं संयुक्त निदेशक, पर्यावरण,…
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राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन दिवस पर अररिया में जागरूकता कार्यक्रम
अररिया, 5 अक्टूबर 2026: राष्ट्रीय जलीय जीव गांगेय डॉल्फिन (Gangetic Dolphin) दिवस के अवसर पर अररिया जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । अलमनार एजुकेयर, अररिया में विद्यार्थियों के बीच विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को गांगेय डॉल्फिन के महत्व, उसके संरक्षण तथा नदी पारिस्थितिकी…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन











