Author: admin
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गर्मी पांच साल में तोड़ सकती है सभी रिकॉर्ड
संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026-2030 के लिए जारी की चेतावनी, अगला साल हो सकता है सबसे गर्म नई दिल्ली/वाशिंगटन, एजेंसी। अगर आपको लगता है कि इस साल की गर्मी असहनीय है तो आने वाले दिन और भी भयानक हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र और विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ताजा रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के…
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CAQM Revokes Stage-I of GRAP Across NCR with Immediate Effect as Delhi AQI Improves
New Delhi, 29 MAY 2026 / The Sub-Committee on Graded Response Action Plan (GRAP) of the Commission for Air Quality Management in NCR and Adjoining Areas (CAQM) today revoked all actions under Stage-I of the extant schedule of GRAP across the entire National Capital Region (NCR) with immediate effect, following a significant improvement in Delhi’s…
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गौरैया के लिए लगायें झाड़ीनुमा पेड़
संजय कुमार/ गौरैया को झाड़ी पसंद है, इसलिए क़ि उसके लिये छुपने, आराम और सुरक्षा के लिये बेहतर जगह है। झाड़ी में वह शिकारी पशु-पक्षियों जैसे बिल्ली, सांप, बाज आदि के हमले से आसानी से अपना बचवा करती है। बाड़, देशी झाड़ियाँ, बोगनवेलिया, कनेल, सूरजमुखी, कॉसमॉस, मेहंदी, मधुमालती, करौंदा आदि की झाड़ी इनको खास पसंद…
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‘I Love Sparrow’ important book on sparrow conservation
Aditi Roy/This book ‘I Love Sparrow’ has covered each and every dimension of the sparrows, which is a small bird having unique appearance holding significant place in the life of people. This book consists of thirty-two sub-topics or chapters covering sparrow holistically. First of its kind, this book put forwards all the efforts a man…
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जब इंसान ने प्रकृति से जंग हारी : गौरैया का नरसंहार
“चीन में 1958 में माओ त्से-तुंग ने ग्रेट लीप फॉरवर्ड के तहत अभियान शुरू किया और, चूहे,मक्खी,मच्छर और गौरैया को मारने का आदेश दिया “ संजय कुमार/चीन में जब गौरैया को चुन-चुन कर मारा जा रहा था, तब गौरैया छुपने के लिए सुरक्षित स्थान पर जाने लगी थी। झुंड बनाकर गौरैया, पीकिंग स्थित पोलैंड के…
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वायु प्रदूषण कम करने के लिए सभी हितधारकों द्वारा निरंतर-समन्वित कार्रवाई आवश्यक: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री
“केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण कार्य योजना की समीक्षा की” नई दिल्ली : 26-05-2026/ राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से चल रहे उपायों की प्रगति की समीक्षा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और…
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सरदार वल्लभ भाई पटेल मेमोरियल अवॉर्ड से नवाजे गए श्याम नंदन प्रसाद
पीपल मैन फाउंडेशन,दिल्ली ने दिया “सरदार वल्लभ भाई पटेल मेमोरियल अवॉर्ड 2026” निशांत रंजन/ पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट और उल्लेखनीय योगदान के लिए ख्याति प्राप्त पीपल मैन फाउंडेशन, दिल्ली द्वारा पटना के प्रो. श्याम नंदन प्रसाद को “सरदार वल्लभ भाई पटेल मेमोरियल अवॉर्ड 2026” से नवाजा गया है। प्रो. प्रसाद ने बताया कि इस अति…
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बिहार का शिवकुंड गांव बना “गौरैया गाँव”
दिल्ली के बाद यह दूसरा “गौरैया गाँव” है शिवकुंड गांव का “स्पैरो विलिज” संजय कुमार / बिहार के मुंगेर जिले के शिवकुंड गांव की पहचान के साथ अब “स्पैरो विलिज” यानि गौरैया गाँव के रूप में हो गई है। दिल्ली के बाद यह दूसरा “गौरैया गाँव” है। 20 मई 2022 को दिल्ली में देश का…
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बिहार में इकोटूरिज्म की है अपार संभावना
इसे विकसित करने को लेकर निवेशकों के साथ हुई अहम् बैठक पटना, 24 मई। बिहार में इकोटूरिज्म को लेकर अपार संभावना है । पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने 27 डैम साइट्स तथा 247 तालाब एवं पोखर स्थलों को चिन्हित किया है ताकि इन्हें इकोटूरिज्म के लिए विकसित किया जाए । इसी के मद्देनजर…
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हरियाली में छिपा इलाज: समय की मांग
मानव कल्याण में एथनोबोटनी ( ETHNOBOTANY ) के उपयोग की आवश्यकता : आज के परिदृश्य में समय की मांग *प्रो. श्याम नंदन प्रसाद/ लोक वनस्पतिविज्ञान ( ETHNOBOTANY ) विज्ञान की वह शाखा है , जिसके अंतर्गत विभिन्न संस्कृतियों और आदिवासी समुदाय के लोगों द्वारा पौधों के पारंपरिक उपयोग जैसे दवा , भोजन और धार्मिक कार्यों…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन
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