Author: admin

  • गौरैया के लिए लगायें झाड़ीनुमा पेड़

    गौरैया के लिए लगायें झाड़ीनुमा पेड़

    संजय कुमार/ गौरैया को झाड़ी पसंद है, इसलिए क़ि उसके लिये छुपने, आराम और सुरक्षा के लिये बेहतर जगह है। झाड़ी में वह शिकारी पशु-पक्षियों जैसे  बिल्ली, सांप, बाज आदि के हमले से आसानी से अपना बचवा करती है। बाड़, देशी झाड़ियाँ, बोगनवेलिया, कनेल, सूरजमुखी, कॉसमॉस, मेहंदी, मधुमालती, करौंदा आदि की झाड़ी इनको खास पसंद…

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  • ‘I Love Sparrow’  important book on sparrow conservation

    ‘I Love Sparrow’ important book on sparrow conservation

    Aditi Roy/This book ‘I Love Sparrow’ has covered each and every dimension of the sparrows, which is a small bird having unique appearance holding significant place in the life of people. This book consists of thirty-two sub-topics or chapters covering sparrow holistically. First of its kind, this book put forwards all the efforts a man…

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  • जब इंसान ने प्रकृति से जंग हारी : गौरैया का नरसंहार

    जब इंसान ने प्रकृति से जंग हारी : गौरैया का नरसंहार

    “चीन में 1958 में माओ त्से-तुंग ने ग्रेट लीप फॉरवर्ड के तहत अभियान शुरू किया और, चूहे,मक्खी,मच्छर और गौरैया को मारने का आदेश दिया “ संजय कुमार/चीन में जब गौरैया को चुन-चुन कर मारा जा रहा था, तब गौरैया छुपने के लिए सुरक्षित स्थान पर जाने लगी थी। झुंड बनाकर गौरैया, पीकिंग स्थित पोलैंड के…

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  • वायु प्रदूषण कम करने के लिए सभी हितधारकों द्वारा  निरंतर-समन्वित कार्रवाई आवश्यक: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री

    वायु प्रदूषण कम करने के लिए सभी हितधारकों द्वारा  निरंतर-समन्वित कार्रवाई आवश्यक: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री

    “केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण कार्य योजना की समीक्षा की” नई दिल्ली : 26-05-2026/ राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से चल रहे उपायों की प्रगति की समीक्षा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और…

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  • सरदार वल्लभ भाई पटेल मेमोरियल अवॉर्ड से नवाजे गए श्याम नंदन प्रसाद

    सरदार वल्लभ भाई पटेल मेमोरियल अवॉर्ड से नवाजे गए श्याम नंदन प्रसाद

    पीपल मैन‌ फाउंडेशन,दिल्ली ने दिया “सरदार वल्लभ भाई पटेल मेमोरियल अवॉर्ड 2026” निशांत रंजन/ पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट और उल्लेखनीय योगदान के लिए ख्याति प्राप्त पीपल मैन‌‌ फाउंडेशन, दिल्ली द्वारा पटना के प्रो. श्याम नंदन प्रसाद को “सरदार वल्लभ भाई पटेल मेमोरियल अवॉर्ड 2026” से नवाजा गया है। प्रो. प्रसाद ने बताया कि इस अति…

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  • बिहार का शिवकुंड गांव बना “गौरैया गाँव”

    बिहार का शिवकुंड गांव बना “गौरैया गाँव”

    दिल्ली के बाद यह दूसरा “गौरैया गाँव” है शिवकुंड गांव का “स्पैरो विलिज” संजय कुमार /  बिहार के मुंगेर जिले के शिवकुंड गांव की पहचान के साथ अब “स्पैरो विलिज” यानि गौरैया गाँव के रूप में हो गई है। दिल्ली के बाद यह दूसरा “गौरैया गाँव” है। 20 मई 2022 को दिल्ली में देश का…

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  • बिहार में इकोटूरिज्म की है अपार  संभावना

    बिहार में इकोटूरिज्म की है अपार संभावना

    इसे विकसित करने को लेकर निवेशकों के साथ हुई अहम् बैठक पटना, 24 मई। बिहार में इकोटूरिज्म को लेकर अपार संभावना है । पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने 27 डैम साइट्स तथा 247 तालाब एवं पोखर स्थलों को चिन्हित किया है ताकि इन्हें इकोटूरिज्म के लिए विकसित किया जाए । इसी के मद्देनजर…

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  • हरियाली में छिपा इलाज: समय की मांग

    हरियाली में छिपा इलाज: समय की मांग

    मानव‌ कल्याण में एथनोबोटनी ( ETHNOBOTANY ) के उपयोग की आवश्यकता : आज के परिदृश्य में समय की मांग *प्रो. श्याम नंदन प्रसाद/ लोक वनस्पतिविज्ञान ( ETHNOBOTANY ) विज्ञान की वह शाखा है , जिसके अंतर्गत विभिन्न संस्कृतियों और आदिवासी समुदाय के लोगों द्वारा पौधों के पारंपरिक उपयोग जैसे दवा , भोजन और धार्मिक कार्यों…

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  • गौरैया में परजीवी मिलते हैं पर उससे मौत नहीं होती

    गौरैया में परजीवी मिलते हैं पर उससे मौत नहीं होती

    संजय कुमार / गौरैया में परजीवी मिलते हैं। यह बात सही है कि गौरैया परजीवियों से संक्रमित होकर बीमार होती है लेकिन उससे उनकी मौत नहीं होती । मौत के पीछे कीटनाशक, खाना न मिलना आदि कारण हो सकते हैं । वेब साईट pubmed.ncbi.nlm.nih.gov की माने तो तुर्की में 48 गौरैया की जांच में 85.4%…

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  • डायनासोर का साथी रहा कछुआ भी कहीं गायब न हो जाये

    डायनासोर का साथी रहा कछुआ भी कहीं गायब न हो जाये

    “विश्व कछुआ दिवस 23 मई “ संजय कुमार/ जी हां, कछुए इस धरती पर तब से हैं जब डायनासोर हुआ करते थे। कछुओं ने डायनासोर के साथ उल्कापिंड की टक्कर झेली, बर्फ युग देखा, महाद्वीपों को टूटते-बनते देखा। प्रकृति के खेल में आज डायनासोर नहीं हैं, लेकिन सच यह है कि इन्सान की वजह से…

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संयोजक

 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

*सम्पादक -डॉ .लीना

*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।

हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में

यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।

हमें आप लिख सकते हैं …आप हमें  📩 ईमेल करें: ilovesparrow68@gmail.com

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www.ilovesparrow.com वेबसाईट का उद्देश्य साफ़ है घर -घर गौरैया संरक्षण की पहल हो..साथ ही पर्यावरण का भी संरक्षण हो।

सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन