Author: admin
-

बिग कैट्स के संरक्षण के लिए जुटेगा विश्व
1 और 2 जून को ‘इंटरनेशनल बिग कैट्स एलाइंस समिट‘ दिल्ली में नई दिल्ली: भारत वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। आगामी 1 और 2 जून को देश की राजधानी नई दिल्ली में ‘इंटरनेशनल बिग कैट्स एलाइंस (IBCA) समिट‘ का आयोजन किया जाएगा। इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य…
-

पटना कॉलेज में पौधारोपण-सकोरा वितरण
पटना:12-5-2026 / पटना कॉलेज में एनवायरनमेंट वॉरियर्स एवं हमारी गौरैया के द्वारा वृक्षारोपण एवं पक्षियों के लिए घोंसला एवं सकोरा लगाने का कार्यक्रम रजनीश कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को किया गया। जिसमें पटना कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार के द्वारा वृक्षारोपण किया गया साथ ही महाविद्यालय परिसर में पक्षियों के लिए दाना-पानी के…
-

गौरैया: नेचुरल कीटनाशक है
संजय कुमार / गौरैया कीट-पतंगे खाकर किसानों की मदद करती है। एक गौरैया एक दिन में कई कीड़े खा जाती है। इसके आहार में 60 प्रतिशत हिस्सा कीड़े होते हैं। खासकर बच्चों को प्रोटीन के लिए कैटरपिलर, कीड़ा-मकोड़ा, गमला या मिटटी में लगे छोटे कीड़े आदि ही खिलाती है। खेतों में फसल और सब्जी में…
-

अब विज्ञापन में भी ‘गौरैया’
संजय कुमार/सिनेमा, साहित्य, लोक गीत कला-कथा के बाद अब विज्ञापन में भी गौरैया नजर आने लगी है। कई शहर-गाँव-मोहल्ला के घर-आँगन में चहकने वाली नन्ही चिड़ियाँ गौरैया के साथ गायब या विलुप्ति जैसे शब्द जुड़ चुकें है तो वही, उसकी घर वापसी के लिए संरक्षण अभियान भी जोरशोर से चल रहा है। और,सफलता भी मिल…
-

केक के बदले तरबूज काट और पौधारोपण कर मना जन्मदिन
पटना/10 मई2026/ राजधानी पटना के गंगा पथ पर ‘पीपल-नीम-तुलसी कृषि अभियान’ के तत्वावधान में प्रसिद्ध शिक्षक एवं मोटिवेटर प्रेम गांधी का जन्म दिवस एक अनूठे और पर्यावरण-अनुकूल अंदाज में मनाया गया। इस अवसर पर ‘पौधारोपण यज्ञ’ का आयोजन किया गया, जिसमें प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया गया। साथ ही केक की जगह तरबूज काटा गया।…
-

धूल नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन में चूक पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली / वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को नोएडा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें सड़कों पर दिखाई देने वाली धूल के स्तर का आकलन करने और शहर में सड़क की सफाई और झाड़ू लगाने के कार्यों की समीक्षा करने पर ध्यान दिया गया। आयोग द्वारा…
-

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 2026 में पराली जलाने के उन्मूलन को लेकर समीक्षा की
“राज्यों के अधिकारियों ने 2026 में धान की पराली जलाने को समाप्त करने के लिए अपनी कार्य योजनाएं प्रस्तुत कीं।“ नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बुधवार को…
-

गौरैया की डोर काटती पतंग-चाइनीज मांझा
संजय कुमार / गौरैया / पतंग की डोर मजबूत हो उसके लिए चाइनीज मांझा यानि लेड कोडेड नायलॉन/सिंथेटिक धागा जहाँ अपनी अत्यधिक मजबूती और धार के कारण दूसरे पतंग की डोर काट रहा है वही, गौरैया, कबूतर, मोर सहित अनगिनत पक्षियों के जीवन की डोर को काट, उनके लिए ‘काल’ बना हुआ है। यह धागा…
-

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने आईबीसीए शिखर सम्मेलन 2026 की वेबसाइट एवं लोगो का किया शुभारंभ
“भारत 01-02 जून, 2026 को नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने उन बड़ी बिल्ली प्रजाति वाले देशों से अपील किया जो आईबीसीए में शामिल नहीं हैं कि वे इन प्रजातियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए गठबंधन में शामिल हों। श्री…
-

प्रफुल्ल भाई पटेल ने जन्म दिन पर नि:शुल्क घोंसला वितरित कर बनाई पहचान
हिम्मतनगर / यह कहानी है गुजरात राज्य के अरवली जिले के साढंबा के पास में आए हुए एक छोटे से गांव दोलपुरा में जन्मे प्रफुल्ल भाई पटेल की उनको बचपन से ही पंछियों के प्रति लगाव था। जैसे-जैसे बड़े होते गए वैसे-वैसे पंछियों के प्रति उनका प्यार बढ़ता गया। पंछियों के लिए कुछ करना है…
Latest News

संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।
हमें आप लिख सकते हैं …आप हमें 📩 ईमेल करें: ilovesparrow68@gmail.com
🐦 आपकी भागीदारी जरूरी है: अगर आपके पास गौरैया और पर्यावरण संरक्षण संरक्षण से जुड़े अनुभव, प्रेरक कहानियाँ, कविताएँ, गीत या शोधपरक आलेख हैं, तो हमें ज़रूर भेजें।
www.ilovesparrow.com वेबसाईट का उद्देश्य साफ़ है घर -घर गौरैया संरक्षण की पहल हो..साथ ही पर्यावरण का भी संरक्षण हो।
सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन
You May Have Missed









