Category: Blog

  • मेरिलबोन क्रिकेट क्लब में है ‘स्पैरो ऑफ लॉर्ड्स’ स्मृति चिन्ह

    मेरिलबोन क्रिकेट क्लब में है ‘स्पैरो ऑफ लॉर्ड्स’ स्मृति चिन्ह

    संजय कुमार / यों  तो  विश्व  भर  में  महान  विभूतियों, सैनिकों  और  नेताओं  की  स्मारक  या  मूर्तियां  चौक – चौराहों  या  प्रमुख  स्थलों  पर  लगी  मिल  जायेगी। लेकिन मेरिलबोन क्रिकेट क्लब के म्यूजियम में रखा ‘स्पैरो ऑफ लॉर्ड्स’ स्मृति चिन्ह अपने आप में में अद्वितीय  है, जो  गौरैया और क्रिकेट के बीच संवेदनशीलता का रिश्ता…

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  • Sparrows: Cricket, martyrdom and monuments

    Sparrows: Cricket, martyrdom and monuments

    The Sparrow of Lords, a memento of a sparrow sitting on a cricket ball, conveys compassion and deep love for nature and all living beings, as well as a message of conservation Sanjay Kumar/You will find memorials or statues of great personalities, soldiers, and leaders around the world in squares or prominent places. But the ‘Sparrow…

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  • गौरैया का ‘मैजिक लॉक’ पैर, तारों की रानी गौरैया

    गौरैया का ‘मैजिक लॉक’ पैर, तारों की रानी गौरैया

    संजय कुमार / गौरैया के पैर में तीन नाख़ून आगे और एक पीछे होता है जो बहुत ही मजबूत होते हैं, जो उसे पतले तार पर पकड़ बनाने में मदद करते हैं। गौरैया पतले-मोटे तार पर बहुत ही आसानी और आराम से बैठ जाती है, जैसे कि वह एक आरामदायक कुर्सी पर बैठी हो। गौरैया…

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  • पर्यावरण की ‘रीढ़ की हड्डी’ है गौरैया

    पर्यावरण की ‘रीढ़ की हड्डी’ है गौरैया

    संजय कुमार / गौरैया पर्यावरण की ‘रीढ़ की हड्डी’ है। ये न होती तो इंसान का जीना मुश्किल हो जाता। ‘परि’ और ‘आवरण’ के योग से बना पर्यावरण, यानि  ‘परि’ -‘चारों ओर’ (आसपास) और  ‘आवरण’ – ‘घेरा’ या ‘ढकने वाला आवरण’। सरल शब्दों में कहे तो  हमारे चारों ओर का वह घेरा जो हमें और…

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  • गौरैया की हुई घर वापसी

    गौरैया की हुई घर वापसी

    पटना। गौरैया के पलायन के पीछे ध्वनि प्रदूषण अहम है। वाहनों हो या डीजे की कानफाड़ू शोर। इससे घरेलू गौरैया प्रभावित होती है। पटना के रामकृष्णनगर में साहित्यकार अशोक कुमार के घर और आसपास सैकड़ो की संख्या में गौरैया थी । सालों से अशोक कुमार दाना-पानी रखते थे।  लेकिन वर्ष 2024 में गौरैया इलाके को…

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  • पक्षियों के  कृत्रिम घोंसले को लेकर उठा सवाल

    पक्षियों के कृत्रिम घोंसले को लेकर उठा सवाल

    संजय कुमार/ घर-आंगन और इंसान बीच रहने वाली घरेलू गौरैया यानी हाउस स्पैरो की विलुप्ति की दास्ताँन के बीच उसकी घर वापसी की पहल दुनिया भर में चल रही है। विलुप्ति के कारणों में से आवासीय संकट और पेड़ों का लगातार कम होना ने गौरैया सहित दूसरी चिड़ियों को संकट में डाल, पलायन या विलुप्ति…

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  • गौरैया: नाम की कहानी और भाषाई यात्रा

    गौरैया: नाम की कहानी और भाषाई यात्रा

    संजय कुमार / घर आँगन में चहकने-फुदकने वाली नन्ही चिड़ियाँ को हिंदी में गौरैया तो  अंग्रेजी में स्पैरो और उर्दू में चिडियां से पुकारा जाता है यों तो भारत में लोकल भाषा/बोलियों में इसके कई नाम है। सिंधी  में  झिरकी, भोजपुरी  में  चिरई, बुन्देली  में  चिरैया  कहते हैं। कई राज्यों में भिन्न-भिन्न नामों से पुकारा जाता…

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  • घरेलू गौरैया IUCN रेड लिस्ट में, श्रेणी कम चिंताजनक

    घरेलू गौरैया IUCN रेड लिस्ट में, श्रेणी कम चिंताजनक

    संजय कुमार / घरेलू गौरैया (House Sparrow – Passer domesticus) मनुष्य के सबसे निकट रहने वाले पक्षियों में से एक है। कभी यह हर आँगन, छत और खपरैल वाले घर की पहचान हुआ करती थी, लेकिन आज कई शहरों,गाँवों और कस्बों में इसकी चहचहाहट सुनाई देना दुर्लभ होता जा रहा है। यही कारण है कि…

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  • वैंकूवर में है गौरैया की विशालकाय मूर्ति

    वैंकूवर में है गौरैया की विशालकाय मूर्ति

    संजय कुमार / ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा में समुद्री किनारे पर स्थित ‘द बर्ड्स’ शहर से चर्चित शहर वैंकूवर है, जहाँ गौरैया- हाउस  स्पैरो  की विशालकाय मूर्ति लगी है। द बर्ड्स में मायफैनवी मैकलेओड द्वारा घरेलू गौरैया को चित्रित करने वाली बाहरी मूर्तियों की एक जोड़ी शामिल है, जिसे 2010 के शीतकालीन ओलंपिक के बाद दक्षिणपूर्व…

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  • पक्षियों की दुनिया है खूबसूरत, इंसानों से कम रंगीन नहीं

    पक्षियों की दुनिया है खूबसूरत, इंसानों से कम रंगीन नहीं

    संजय कुमार / पक्षियों की अपनी अलग दुनिया है। बनावट में इन्सान से बिलकुल अलग,लेकिन कई मामलों में एक सा। गौरैया, कौआ, तोता, मैना,पंडुक, बुलबुल, दहियर आदि लगभग 77 चिड़ियों का संसार प्यार -रोमांस,खानपान,झड़प आदि में माहिर है। पक्षी यानि जिसके पंख होते हैं, दांत रहित, चोंच वाले जबड़े होते हैं और अंडे देते हैं’।…

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संयोजक

 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

*सम्पादक -डॉ .लीना

*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।

हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में

यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।

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www.ilovesparrow.com वेबसाईट का उद्देश्य साफ़ है घर -घर गौरैया संरक्षण की पहल हो..साथ ही पर्यावरण का भी संरक्षण हो।

सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन