पौधारोपण – गौरैया संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण एवं गौरैया संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन पटना ,05/06/2026 : हमारी गौरैया और एनवायरमेंट वॉरियर्स के संयुक्त तत्वाधान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पटना में विलुप्त होते देशी फलदार पौधों का पौधारोपण एवं गौरैया संरक्षण जन जागरूकता अभियान चलाया गया। टीम के द्वारा आज पटना कॉलेज,…

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण एवं गौरैया संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

पटना ,05/06/2026 : हमारी गौरैया और एनवायरमेंट वॉरियर्स के संयुक्त तत्वाधान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पटना में विलुप्त होते देशी फलदार पौधों का पौधारोपण एवं गौरैया संरक्षण जन जागरूकता अभियान चलाया गया। टीम के द्वारा आज पटना कॉलेज, कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस कैंपस और पटना विश्वविद्यालय कैंपस में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा पटना के गांधी घाट पर गौरैया संरक्षण जागरूकता अभियान के तहत राजकीय पक्षी गौरैया के संरक्षण हेतु जागरूकता अभियान चलाया गया।

संस्था के निदेशक निशांत रंजन ने कहा कि आज के समय में देसी फलदार वृक्ष तेजी से कम होते जा रहे हैं शहतूत, बड़हर जलेबी जैसे फल आज पूरे पटना के बाजार से गायब हो चुके है,इसे वापस लाने के लिए टीम के द्वारा इस वर्ष 1000 शहतूत, जलेबी, बड़हर और इमली जैसे देशी फलदार पौधों लगने का आज से मुहिम शुरू किया गया है। इसके अलावे टीम द्वारा राजकीय पक्षी गौरैया संरक्षण के लिए लगातार मुहिम चलाया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में पर शानू कुमार राज, अदिति रॉय, भूमिका, निश्चल, मासूम, रजनीश, संजन, राजकुमार, निधि, रोजी, विनीता आदि उपस्थित थे।

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संयोजक

 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

*सम्पादक -डॉ .लीना

*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।

हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में

यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।

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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन