सोनपुर रेल मंडल ने चलाया द्वारा व्यापक पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस–2026 के अवसर पर सोनपुर मंडल द्वारा व्यापक पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान का सफल आयोजन सोनपुर,5 जून 2026 :  विश्व पर्यावरण दिवस–2026 के अवसर पर पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर मंडल द्वारा 15 मई 2026 से 05 जून 2026 तक व्यापक जन-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया गया। इस वर्ष विश्व पर्यावरण…

विश्व पर्यावरण दिवस–2026 के अवसर पर सोनपुर मंडल द्वारा व्यापक पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान का सफल आयोजन

सोनपुर,5 जून 2026 :  विश्व पर्यावरण दिवस–2026 के अवसर पर पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर मंडल द्वारा 15 मई 2026 से 05 जून 2026 तक व्यापक जन-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया गया। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “जलवायु परिवर्तन ” रही, जिसके अंतर्गत मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों, रेल कॉलोनियों, कार्यालयों एवं कार्यस्थलों पर अनेक पर्यावरणीय गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया।

तीन सप्ताह तक चले इस विशेष अभियान के दौरान जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने, एकल-उपयोग प्लास्टिक  के उपयोग में कमी लाने, स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन, जल एवं ऊर्जा संरक्षण, ई-कचरा प्रबंधन, सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने तथा मिशन लाइफ  के उद्देश्यों के प्रचार-प्रसार के लिए  विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कर्मचारियों, यात्रियों एवं आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करने के लिए कार्यशालाओं, जागरूकता अभियानों, प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। अभियान के अंतर्गत “एक पेड़ माँ के नाम” पहल को विशेष रूप से बढ़ावा दिया गया। इसके तहत सोनपुर मंडल के विभिन्न स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों एवं रेलवे परिसरों में कुल 1000 पौधों का वृक्षारोपण किया गया। इस पहल ने हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में बरौनी स्थित गढ़हारा फ्रेट डिपो में 20 KLD क्षमता वाले ईटीपी  का उद्घाटन किया गया। इस संयंत्र की स्थापना  टैंकों की सफाई के पश्चात निकलने वाले अपशिष्ट जल के उपचार एवं पुनः उपयोग के उद्देश्य से की गई है, जिससे जल संरक्षण एवं संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर स्टील के लंच बॉक्स एवं पुनः उपयोग योग्य पानी की बोतलों के प्रयोग को प्रोत्साहित किया गया। इसके लिए पोस्टर, पंपलेट एवं डिजिटल माध्यमों से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।

सोनपुर मंडल से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में खान-पान एवं अन्य सेवाएं प्रदान करने वाले आपूर्तिकर्ताओं को प्लास्टिक के विकल्प के रूप में स्टेनलेस स्टील, प्राकृतिक रेशों (Natural Fibre) एवं लकड़ी से निर्मित पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के उपयोग हेतु जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान सोनपुर मंडल के 07 रेलवे स्टेशनों एवं 08 रेलवे कॉलोनियों में विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की टीमों के सहयोग से नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, पार्कों एवं उद्यानों के रख-रखाव तथा रेलवे ट्रैकों एवं परिसरों को स्वच्छ बनाए रखने के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाई गई।

अभियान के समापन अवसर पर आज दिनांक 05 जून 2026 को सोनपुर मंडल में प्रभात फेरी, वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसके साथ विश्व पर्यावरण दिवस–2026 अभियान का सफल समापन हुआ।

सोनपुर मंडल पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं पर्यावरण-अनुकूल कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।

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संयोजक

 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

*सम्पादक -डॉ .लीना

*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।

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