दिल्ली में वायु प्रदूषण पर केंद्र और दिल्ली सरकार की उच्चस्तरीय बैठक

37 हॉटस्पॉट पर 10 अक्टूबर तक जनभागीदारी, प्रदूषण के स्रोतों पर समन्वित कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान नई दिल्ली, 28 सितंबर। दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर वायु…

37 हॉटस्पॉट पर 10 अक्टूबर तक जनभागीदारी, प्रदूषण के स्रोतों पर समन्वित कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान

नई दिल्ली, 28 सितंबर। दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर वायु प्रदूषण शमन कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब तक किए गए उपायों, धरातल पर उनकी प्रगति और आगामी सर्दियों से पहले किए जाने वाले अतिरिक्त उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली के चिन्हित दिल्ली के चिन्हित 37 हॉटस्‍पॉट पर 10 अक्टूबर तक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हॉटस्पॉट के लिए स्पष्ट और कार्रवाई योग्य बिंदु तय किए जाएं तथा उनके क्रियान्वयन की नियमित निगरानी हो। जन प्रतिनिधि इन हॉटस्‍पॉट का दौरा करेंगे और धरातल पर वायु प्रदूषण शमन उपायों के कार्यान्वयन की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र-विशिष्ट इन उपायों से प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों से निपटने में समग्र रूप से सकारात्‍मक परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

प्रदूषण के स्रोतों पर होगी लक्षित कार्रवाई

बैठक में वाहनों से होने वाला प्रदूषण, सड़क और निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल, कचरा और बायोमास जलाने, औद्योगिक उत्सर्जन, सार्वजनिक परिवहन तथा हरित क्षेत्र बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रदूषण और यातायात हॉटस्पॉट पर कार्रवाई तेज करने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।श्री यादव ने दिल्ली और अन्य एनसीआर अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं को ठोस कार्रवाई बिन्‍दुओं में परिवर्तित करने का आह्वान किया और कहा कि एनसीआर क्षेत्रों के लिए कार्ययोजनाओं को 10 अक्टूबर से पहले अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने वायु प्रदूषण के विभिन्न क्षेत्रों और स्रोतों के संबंध में समन्वित प्रवर्तन और कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। श्री यादव ने व्‍यापक जागरूकता पैदा करने और नागरिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि लोग किए जा रहे उपायों को समझें और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सक्रिय भागीदार बनें। केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि निरंतर सुधार पर ध्‍यान केन्द्रित रहना चाहिए और लोगों को वास्‍तविक राहत तथा सकारात्मक बदलाव का स्‍पष्‍ट अनुभव होना चाहिए।।

बैठक के दौरान निम्नलिखित लक्षित कार्रवाई बिंदुओं की पहचान की गई:

  1. ‘पीयूसीसी नहीं, ईंधन नहीं’ को मिशन मोड में लागू करना

शहरव्‍यापी जागरूकता और प्रवर्तन अभियान के माध्यम से सभी 500 एएनपीआर-सक्षम ईंधन स्टेशनों पर ‘पीयूसीसी नहीं, ईंधन नहीं’ को मिशन मोड में लागू करने का निर्णय लिया गया। नियमों का पालन नहीं करने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

  1. सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता – अंतिम छोर तक संपर्क

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 1 से 10 अक्टूबर के दौरान दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप को अपनाने के लिए शहरव्यापी अभियान चलाया जाएगा। इसमें आरडब्ल्यूए और जन प्रतिनिधियों के सहयोग से ऐप डाउनलोड शिविर आयोजित किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि सभी 228 मेट्रो स्टेशनों पर अंतिम छोर तक सम्‍पर्क सुविधा उपलब्ध है, जबकि दिल्ली के बस बेड़े की संख्या बढ़कर 6,840 हो गई है, जिसमें 5,088 ई-बसें शामिल हैं।

  1. हॉटस्पॉट कार्ययोजना

वायु गुणवत्ता और यातायात हॉटस्‍पॉट के लिए जन ​​प्रतिनिधि अधिकारियों, आरडब्ल्यूए, व्यापारियों और यातायात पुलिस के साथ नियमित रूप से क्षेत्रीय दौरे करेंगे। वर्तमान में 42 प्रमुख क्षेत्रों में समस्या का समाधान किया जा चुका है और अक्टूबर तक आठ और क्षेत्रों में सुधार करने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली यातायात पुलिस के परामर्श से इन प्रमुख क्षेत्रों में एकतरफा यातायात और यातायात सुगम बनाने के लिए परीक्षण किए जाएंगे। इसके अतिरिक्‍त, नागरिकों को अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और कचरा डालने वाले स्थानों की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने बताया कि चिन्हित 8 सड़क खंडों को सिग्नल-मुक्त कर दिया गया है और शेष 7 को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

  1. सड़क पुनर्विकास और धूल शमन

सड़क पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए गए। वर्तमान में अब तक 1,193 किलोमीटर सड़क का कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य को 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फुटपाथों की शुरू से अंत तक पक्‍की सतह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि पैदल अवागमन को सुगम बनाने के साथ-साथ धूल को कम किया जा सके। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार शिकायतों का निपटारा 72 घंटों के भीतर किया जाना है।

  1. खुले में कचरा जलाने की रोकथाम

बैठक में गहन सफाई, प्रभावी कचरा प्रबंधन और शून्‍य-कचरा-दहन उपायों को तेज करने का निर्णय लिया गया। इसमें वार्ड स्तर पर निगरानी, ​​बाजारों से कचरा एकत्र करने की व्‍यवस्‍था को मजबूत करना तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का प्रवर्तन शामिल है। दिल्ली सरकार ने बताया कि एमआरएसएम की संख्‍या पिछले वर्ष के 76 से बढ़कर 98 हो गई है। शहर भर में ‘जीरो बर्निंग’ प्रतिज्ञा अभियान चलाया जाएगा और कचरा जलाने की रोकथाम के लिए 15 अक्टूबर तक वार्ड और जिला/उपमंडल स्तर पर समर्पित निगरानी दल तैनात किए जाएंगे। इसके अतिरिक्‍त, शीतकालीन कार्ययोजना के तहत प्रायोगिक आधार पर हीटिंग बूथ स्थापित किए जाएंगे। अनधिकृत नियमितीकृत कॉलोनियों और जेजे कलेस्‍टरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

  1. हरित क्षेत्र बढ़ाने पर ध्‍यान

बैठक में बंजर क्षेत्रों में पौधों के संरक्षण और हरित क्षेत्र विकसित करने पर जोर दिया गया। दिल्ली सरकार ने बताया कि अब तक 71 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं और चिन्हित 434 एकड़ के बंजर क्षेत्र में से 433 एकड़ क्षेत्र को हरित बनाया जा चुका है।

  1. कचरे से संपदा

बैठक में भवन निर्माण योजना की मंजूरी के लिए मल्‍बा ऐप पर पंजीकरण को अनिवार्य शर्त बनाने पर जोर दिया गया। दिल्ली सरकार ने बताया कि निर्माण और विध्वंस से उत्पन्न धूल के नियंत्रण के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल उत्पन्न करने वाली विध्वंस गतिविधियों और खुले में होने वाली सिविल निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लागू रहेगा। साथ ही, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक सभी निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

  1. शीतकालीन प्रोटोकॉल

बैठक में सर्दियों के लिए अग्रिम उपायों का निर्णय लिया गया। इनमें प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध, पार्किंग शुल्क को दोगुना करना, कार्यालय के समय में चरणबद्ध बदलाव और 50 प्रतिशत कार्य-घर से करने की व्यवस्था शामिल है। यह भी निर्णय लिया गया कि 1 नवंबर 2026 से दिल्ली के बाहर पंजीकृत तथा बीएस-वीआई से कम उत्सर्जन मानक वाले सभी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंधन रहेगा। हालांकि, सीएनजी और ईवी वाहनों को इससे छूट दी जाएगी।

  1. परिवर्तन योजना और ईवी आउटरीच

बैठक में ईवी नीति 2026 को बढ़ावा देने तथा पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहनों में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। परिवर्तन योजना के लिए मिशन-मोड में पंजीकरण अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा, अभियान में तेजी लाने के लिए अक्टूबर-नवंबर में जनभागीदारी शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया।

  1. औद्योगिक प्रदूषण में कमी

औद्योगिक प्रवर्तन को मजबूत करने, एआई-सक्षम कमांड और कंट्रोल सेंटर को संचालित करने, निगरानी केंद्रों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 करने तथा नियमों का पालन न करने वाले प्रदूषणकारी उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 334 प्रवर्तन टीमों को तैनात करने का निर्णय लिया गया। नागरिक सहभागिता, शिकायत निवारण, दैनिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्‍यूआई) बुलेटिन और समन्वित एनसीआर-स्तरीय एयरशेड कार्रवाई को और मजबूत किया जाएगा।

इस बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव श्री तन्मय कुमार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्‍यूएम) के अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। केन्‍द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), एमसीडी, एनडीएमसी, डीडीए, दिल्ली परिवहन विभाग, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे।

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 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

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उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

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