Author: admin
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गौरैया का ‘मैजिक लॉक’ पैर, तारों की रानी गौरैया
संजय कुमार / गौरैया के पैर में तीन नाख़ून आगे और एक पीछे होता है जो बहुत ही मजबूत होते हैं, जो उसे पतले तार पर पकड़ बनाने में मदद करते हैं। गौरैया पतले-मोटे तार पर बहुत ही आसानी और आराम से बैठ जाती है, जैसे कि वह एक आरामदायक कुर्सी पर बैठी हो। गौरैया…
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छोटा सा ई-मेल लिखने में एआई सोख जाता है आधा बोतल पानी
चेतावनीनई दिल्ली/कैलिफोर्निया, एजेंसी। जिस एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) को हम अपनी सुविधा के लिए महज एक खिलौना समझ बैठे हैं, वह धीरे-धीरे हमारी धरती की प्यास बढ़ा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जब आप खुद दिमाग न चलाकर किसी एआई प्लेटफॉर्म से मात्र 100 शब्दों का एक छोटा सा ई-मेल लिखवाते हैं, तो उसके सर्वर को…
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पर्यावरण के खतरों से आगाह करती संजय कुमार की पुस्तक : जल जीवन हरियाली
निशांत रंजन/ विकास की अंधी दौड़, नये-नये आविष्कारों की स्पर्धा, जनसंख्या की निरंतर वृद्धि, औद्योगीकरण एवं शहरीकरण की आपाधापी से प्रकृति के संतुलन में बिगाड़ आदि परिस्थितियों ने पर्यावरण को खतरे में डाल दिया गया है। ऐसे ही अनेक सवालों को उठाती गौरैयाविद लेखक संजय कुमार की पुस्तक “जल जीवन हरियाली” आई है। पर्यावरण संरक्षण…
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“हरित बिहार, स्वच्छ बिहार” के संकल्प को साकार करने का आह्वान
विश्व पर्यावरण दिवस पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग-सह-युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया पौधारोपणपटना, 05 जून 2026: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग-सह-युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार सरकार के माननीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने अपने सरकारी…
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सोनपुर रेल मंडल ने चलाया द्वारा व्यापक पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान
विश्व पर्यावरण दिवस–2026 के अवसर पर सोनपुर मंडल द्वारा व्यापक पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान का सफल आयोजन सोनपुर,5 जून 2026 : विश्व पर्यावरण दिवस–2026 के अवसर पर पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर मंडल द्वारा 15 मई 2026 से 05 जून 2026 तक व्यापक जन-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया गया। इस वर्ष विश्व पर्यावरण…
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पौधारोपण – गौरैया संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण एवं गौरैया संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन पटना ,05/06/2026 : हमारी गौरैया और एनवायरमेंट वॉरियर्स के संयुक्त तत्वाधान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पटना में विलुप्त होते देशी फलदार पौधों का पौधारोपण एवं गौरैया संरक्षण जन जागरूकता अभियान चलाया गया। टीम के द्वारा आज पटना कॉलेज,…
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चित्रकारी एवं क्विज प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को मिला पुरस्कार
पटना/ बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभिवर्धित के लिए पटना में चित्रकारी व क्विज प्रतियोगिता का आयोजन 01 जून, 2026 को ज्ञान भवन के बहुउद्देशीय हाॅल में आयोजित किया गया। चित्रकारी प्रतियोगिता में राज्य के 16 जिलों- बेगूसराय, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गयाजी, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, नालंदा नवादा, पटना, पूर्णियाँ, सहरसा,…
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Union Environment Minister inaugurates 18 Namo Oxygen Parks in Delhi
New Delhi,5-5-2026/ The Union Minister for Environment, Forest and Climate Change, Shri Bhupender Yadav, along with the Chief Minister of Delhi, Smt. Rekha Gupta, today inaugurated eighteen ‘Namo Oxygen Parks’ across Delhi and launched a series of environmental initiatives under the nationwide campaign ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ on the occasion of World Environment Day…
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विश्व पर्यावरण दिवस पर दिल्ली को मिला 18 ऑक्सीजन पार्क
नई दिल्ली ,5 जून 2026/ विश्व पर्यावरण दिवस पर दिल्ली को 18 ऑक्सीजन पार्क की बड़ी सौगात मिली है । केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संयुक्त रूप से 18 ऑक्सीजन पार्क का उद्घाटन 5 जून की किया। पार्क का नाम ‘नमो ऑक्सीजन पार्क’ दिया गया है।इस अवसर पर…
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पर्यावरण की ‘रीढ़ की हड्डी’ है गौरैया
संजय कुमार / गौरैया पर्यावरण की ‘रीढ़ की हड्डी’ है। ये न होती तो इंसान का जीना मुश्किल हो जाता। ‘परि’ और ‘आवरण’ के योग से बना पर्यावरण, यानि ‘परि’ -‘चारों ओर’ (आसपास) और ‘आवरण’ – ‘घेरा’ या ‘ढकने वाला आवरण’। सरल शब्दों में कहे तो हमारे चारों ओर का वह घेरा जो हमें और…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन
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