20 मार्च 2010 को जब गौरैया को संरक्षित करने के उद्देश्य से विश्व गौरैया दिवस की घोषणा हुई। दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 में और बिहार सरकार ने भी 16 अप्रैल वर्ष 2013 में गौरैया को राजकीय पक्षी घोषित किया था तब से उसकी घर वापसी को लेकर सरकारी,संगठन और निजी स्तर पर पहल जारी है।
…यह वेब साईट पूरी तरह से अवैतनिक और जनहित में है . इसमें जो भी जानकारी दी जाएगी वह किसी व्यक्ति या संगठन के फायदे के लिए नहीं होगी…बस गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की बात होगी…हमें आप लिख सकते हैं …आप हमें ilovesparrow68@gmail.com पर गौरैया संरक्षण को लेकर अपने अनुभव ,कहानी -कविता,-गीत और आलेख भेजें ।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है
…I love sparrow वेबसाईट का उद्देश्य साफ़ है घर घर गौरैया संरक्षण की पहल हो..साथ ही पर्यावरण का भी संरक्षण हो।
संयोजक- हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
*सम्पादक -डॉ .लीना *सहायक सम्पादक -निशांत रंजन








