डीजे से परेशान परिवार फ्लैट छोड़ होटल में ठहरा, केस दर्ज

गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। वेव सिटी की ड्रीम होम्स सोसाइटी में डांडिया कार्यक्रम के दौरान देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले में पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि डायल-112 पर शिकायत करने और पुलिस के मौके पर पहुंचकर समझाने के बावजूद डीजे की आवाज कम नहीं…

गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। वेव सिटी की ड्रीम होम्स सोसाइटी में डांडिया कार्यक्रम के दौरान देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले में पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि डायल-112 पर शिकायत करने और पुलिस के मौके पर पहुंचकर समझाने के बावजूद डीजे की आवाज कम नहीं की गई। तेज आवाज से परेशान-एक महिला को अपने परिवार के साथ फ्लैट छोड़कर तीन दिन होटल में रहना पड़ा।
सोसाइटी में रहने वाली असावेरी मिनाक्षी ने वेव सिटी थाने में शिकायत देकर बताया कि 18 अक्तूबर की शाम से सोसाइटी के क्लब हाउस के पीछे टावर नंबर-सात के पास कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। कार्यक्रम में तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था। इससे उन्हें और उनके परिवार को काफी परेशानी हो रही थी। रात में उन्होंने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस से शिकायत की। आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने आयोजकों को डीजे की आवाज कम करने के लिए कहा। पुलिस के सामने आवाज कम कर दी गई, लेकिन उसके जाने के बाद फिर से तेज आवाज में डीजे बजाना शुरू कर दिया गया। महिला के मुताबिक, दोबारा शिकायत की। डायल-112 और चौकी पुलिस की टीमें करीब पांच बार मौके पर पहुंचीं। हर बार पुलिस के पहुंचने पर डीजे की आवाज कम कर दी जाती थी, लेकिन पुलिस के जाते ही दोबारा आवाज बढ़ा दी जाती थी। असावेरी मिनाक्षी ने शिकायत में बताया कि कार्यक्रम तीन दिन तक चला। ऐसे में उन्हें परिवार के साथ फ्लैट छोड़कर होटल में कमरा बुक करना पड़ा और तीन दिन तक होटल में रहना पड़ा।

जागरण की आड़ में डांडिया नाइट कराने का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम जागरण के नाम पर आयोजित किया गया था, लेकिन इसमें डांडिया नाइट भी कराई गई। इस दौरान आइटम सॉन्ग और भोजपुरी गाने बजाए गए, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर 20 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

रात 10 बजे के बाद नहीं बजा सकते
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार रात में दस बजे से सुबह छह बजे तक खुले स्थानों पर डीजे या लाउडस्पीकर बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। कार्यक्रम में डीजे बजाने के लिए अनुमति आवश्यक है। आवासीय क्षेत्रों में अधिकतम 55 डेसीबल और व्यावसायिक. क्षेत्रों में 65 डेसीबल की आवाज तक डीजे बजाया जा सकता है । “रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक डीजे बजाने की अनुमति नहीं है। इस अवधि के अलावा भी निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने और शिकायत मिलने पर पुलिस जांच करेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आयोजक और डीजे संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।” – राजकरन नैय्यर, एडिशनल सीपी (कानून व्यवस्था)

क्या करें
यदि कोई लगातार तेज आवाज में डीजे बजाता है तो 112 नंबर पर शिकायत करें। पुलिस डीजे को जब्त कर अन्य कार्रवाई कर सकती है।
ये समस्याएं हो सकती हैं
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. बीपी त्यागी के मुताबिक लगातार तेज आवाज सुनने से से व कान के अंदरुनी हिस्से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। इससे स्थायी बहरापन हो सकता है। कुछ केस में हृदयाघात भी संभव है।

(साभार :- दैनिक हिंदुस्तान,नई दिल्ली ,22-10-2026 )

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Hamari Gauraiya and Environment Warriors

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विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

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