संजय कुमार / एक गौरैया रोज़ाना 2 से 6 ग्राम दाना चुगती है। इतना कम क्यों? सवाल रोचक है। दरअसल में गौरैया का शरीर बहुत छोटा है। छोटी चिड़ियाँ के तौर पर जानी जाती है। इन्सान की तरह बहुत अधिक और बहुत कम वजन की गौरैया नहीं होती। एक आध बीमार हों तो वजन कम हो सकता है अमूमन एक सामान्य शारीरिक ढांचे में दिखती है।
गौरैया का वजन सिर्फ 24-30 ग्राम होता है। ऐसे में 2-6 ग्राम आहार उसके लिए काफी होता है। कबूतर की तरह ओभर इटिंग नहीं करती है। दिन भर भले ही चुगने लिए लिए इधर उधर जाती है,लेकिन एक बार में पेट भरकर नहीं खाती। सुबह से शाम तक थोड़ा-थोड़ा कई बार यानि 15-20 बार दाना चुगती है। चुगने के दौरान लगातार कभी नहीं चुगती एक -दो-चार दाना चुगा और फुर्र। आहार में दाना, कीड़े-मकोड़े और बीज शामिल है। प्रजनन के समय और बच्चों को खिलाने के लिए वो कीड़े-मकोड़े भी खाती है। उसमें प्रोटीन मिल जाता है।
औसत हिसाब लगाये तो, अगर एक गौरैया 4 ग्राम प्रति दिन दाना चुगती है तो 30 दिन में वह 120 ग्राम पूरे मैंने महीना आहार लेती हैं। ऐसे में 10 गौरैया 1 किलो 2 ग्राम एक महीना में खा जाती है। मतलब साफ़ है एक मुट्ठी बाजरा या गेहूं से 3-4 दिन आराम से पांच गौरैया का पेट भर जाएगा। गौरैया को बाजरा, ज्वार, टूटा हुआ चावल, गेहूं के दाने, कुन्नी आदि दे सकते हैं। पक्का हुआ आहार नहीं देना चाहिए वह चुग तो लेगी लेकिन रोटी उसको नुकसान कर सकता है।















