गर्मी पांच साल में तोड़ सकती है सभी रिकॉर्ड

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026-2030 के लिए जारी की चेतावनी, अगला साल हो सकता है सबसे गर्म नई दिल्ली/वाशिंगटन, एजेंसी। अगर आपको लगता है कि इस साल की गर्मी असहनीय है तो आने वाले दिन और भी भयानक हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र और विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ताजा रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के…

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026-2030 के लिए जारी की चेतावनी, अगला साल हो सकता है सबसे गर्म

नई दिल्ली/वाशिंगटन, एजेंसी। अगर आपको लगता है कि इस साल की गर्मी असहनीय है तो आने वाले दिन और भी भयानक हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र और विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ताजा रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि वर्ष 2026 से 2030 के बीच वैश्विक तापमान सारे रिकॉर्ड तोड़कर एक ऐसे खतरनाक स्तर पर पहुंच जाएगा, जिसकी इंसानों ने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस बात की 91 फीसदी आशंका है कि अगले पांच वर्षों में धरती का तापमान 1.5 डिग्री की उस सुरक्षित सीमा को पार कर जाएगा, जिसे पार न करने की कसम दुनिया के तमाम देशों ने खाई थी। यही नहीं, 86 फीसदी संभावना है कि आने वाले सालों में पृथ्वी अपने अब तक के सबसे गर्म साल (2024) के रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर देगी। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अल नीनो मौसम तंत्र की वापसीके कारण अगला वर्ष इतिहास का सबसे तपता साल बन सकता है। वर्ष 2030 तक हर वर्ष का तापमान 1.3 से 1.9 डिग्री अधिक रहेगा। रिकॉर्ड पर मौजूद अब तक के 11 सबसे गर्म साल 2015 के बाद ही दर्ज किए गए हैं।

“भारत के लिए क्या हैं संकेत”
*मानसून पर पड़ सकता है असर। कई क्षेत्रों में लंबे समय तक सूख रहने के आसार हो सकते हैं।
*गर्मी अब न्यू नॉर्मल हो गई है। यानी भारत पहले से 45 डिग्री तापमान वाले लंबे हीटवेव झेल रहा है।
*भविष्य में हीटवेव अधिक लंबी होंगी, रात का तापमान भी कम नहीं होगा।

“तापमान बढ़ने की वजह”

1-वैज्ञानिकों ने कहा, दुनियाभर में जीवाश्म ईंधन की मांग में बढ़ोतरी हुई है। कोयला, तेल और गैस को बड़े पैमाने पर जलाने से धरती गर्म हो रही है। बढ़ते तनाव और युद्ध से भी विस्फोटक सामग्री का अधिक इस्तेमाल तापमान को बढ़ा रहा है।

2-रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के अंत में अल नीनो की स्थिति बनने का अनुमान है। इससे इस बात की आशंका काफी बढ़ जाती है कि 2027 अब तक का सबसे गर्म साल बनकर पिछले रिकॉर्ड तोड़ देगा। इससे पहले आए अल नीनो के प्रभाव के कारण ही वर्ष 2023 इतिहास का दूसरा सबसे गर्म साल दर्ज किया गया था।(s

    (साभार :- दैनिक हिंदुस्तान.29-5-2026)

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