Category: miscellaneous
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अंतर्राष्ट्रीय बादलदार चीता दिवस : भारत ने प्रजाति संरक्षण को सुदृढ़ किया
नयी दिल्ली, चार अगस्त / भारत ने एशिया के सबसे कम दिखाई देने वाले जानवर में से एक बादलदार तेंदुए (क्लाउडेड लेपर्ड) के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए उसके लिए संरक्षण कार्य योजना (सीएपी) शुरू की है। पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।यह घोषणा हर साल चार अगस्त को…
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सौन्दर्यीकरण के नाम पर मिट्टी भराई पर लगी रोक
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पुष्यमित्र / “आप सुंदरता बढ़ाने के नाम पर जलाशयों को पाट नहीं सकते. पानी के तालाबों को न छुएं, उनसे दूर रहें और अपने अधिकारियों से भी कहें कि वे तालाबों को न छुएं।” यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की है और उन्होंने यह निर्देश दरभंगा के तीन ऐतिहासिक तालाबों गंगासागर, हराही…
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बाघ है तो जंगल है, जो जैव विविधिता के लिये अहम्
संजय कुमार/ अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर दुनिया भर में बाघों के संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। भारत ने प्रोजेक्ट टाइगर के जरिए बाघों की संख्या बढ़ाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, लेकिन चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं। बाघ के संरक्षण की इस मुहिम ने तस्वीर भी बदली है। दुनिया के करीब 70…
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बाघ, जंगल और भारतीय अस्मिता का प्रतिक
(अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस) 29 जुलाई को जैव विविधता के लिए अहम् बाघ के संरक्षण अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है । अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस केवल एक वैश्विक उत्सव नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के सबसे भव्य और ताकतवर जीवों में से एक के संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन है। भारत के…
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विलुप्ति के कगार पर मालवी ऊंट, बचाने की मुहिम शुरू
‘रेगिस्तान के जहाज’ ऊँटों खासकर भारत में स्थिति चिंताजनक है उनके संरक्षण के लिए उठाए जा रहे नए कदमों के दौर से गुजर रही है। पिछले कुछ वर्षों में इनकी संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते सरकार और अनुसंधान केंद्र इनके संरक्षण के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। इधर खबर…
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विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस: प्रकृति और अस्तित्व का संतुलन
“प्रकृति हमारी सभी ज़रूरतें पूरी कर सकती है, लेकिन हमारे लालच को नहीं।” — महात्मा गांधी हर साल 28 जुलाई को ‘विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस’ (World Nature Conservation Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति के महत्व के प्रति जागरूक करना और पृथ्वी के प्राकृतिक…
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यूरोप में भीषण गर्मी से इस साल 10 हजार से अधिक लोगों की हुई मौत
यूरोप ने इस साल अप्रत्याशित रूप से भीषण गर्मी का सामना किया और पूरे महाद्वीप से 10 हजार से अधिक लोगों की जान गई है। आंकड़ों के अनुसार जून के आखिर में इसमें तेजी से तब वृद्धि हुई जब यूरोप के कुछ हिस्सों में तापमान ने रिकार्ड तोड़ दिया। हालाँकि, कई मौतों को आधिकारिक तौर…
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गावं के लिए जानकी तांती ने कुआं को ए.टी.एम तो तालाब को बैंक बनाया
संजय कुमार / बिहार का जमुई जिला का केडिया गाँव के ग्रामीण कुआं को अपना ए.टी.एम और तालाब को अपना बैंक मानते हुये इसका जल संरक्षण करते हैं। गाँव को पानी की समस्या से उबारने और जल संचय-संरक्षण के लिए संघर्षरत केडिया के ग्रामीण जानकी बाबा से चर्चित जानकी तांती ने ग्रामीणों की मदद से…
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लौटे गीत सारस के
पूर्वी उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में संयुक्त प्रयासों की बदौलत राज्य पक्षी सारस की आबादी पिछले 12 वर्षों में करीब पांच गुणा बढ़ गई है पूर्वी उत्तर प्रदेश के वेटलैंड्स में पिछले 12 वर्षों में सारस की संख्या में कई गुणा वृद्धि दर्ज की गई है। फोटो: अरशद हुसैन/डब्ल्यूटीआई Bhagirath योगेंद्र कुमार कनौजिया को…
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WHEN THE NIGHT BEGAN TO GLOW: A Firefly Walk in Southern Patna
By Amisha Kumari / With the arrival of the monsoon, nature quietly unveils some of its most fascinating wonders. Among them are fireflies—tiny, glowing beetles whose enchanting flashes have inspired curiosity and admiration for generations. Once commonly seen across many parts of India, fireflies have become increasingly rare in urban landscapes due to habitat loss,…
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संयोजक

हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स
Hamari Gauraiya and Environment Warriors
*सम्पादक -डॉ .लीना
*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य
विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प
20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।
घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।
प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।“
हमारी पहल: पूर्णतः निस्वार्थ और जनहित में
यह वेबसाइट पूरी तरह से अवैतनिक,जनहित और सामाजिक सरोकार को समर्पित है। हमारा मंच किसी व्यक्ति या संगठन के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल गौरैया और पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनने के लिए है।
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सम्पादक : डॉ लीना, सहायक सम्पादक : निशांत रंजन










