अमेरिका से यूरोप तक धधक रहे जंगल, आग से रिकॉर्ड नुकसान

चिंताजनक: स्पेन में खतरा कम हुआ, लेकिन टला नहीं, फ्रांस में आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका, बड़े पैमाने पर जंगलों और खेती की जमीन बर्बाद किया लाकानाउ/वॉशिंगटन, एजेंसी। करीब 20 दिन से ज्यादा समय से यूरोप के जंगल धधक रहे हैं। फ्रांस, स्पेन में आग का खतरा कम हुआ है लेकिन…

चिंताजनक: स्पेन में खतरा कम हुआ, लेकिन टला नहीं, फ्रांस में आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका, बड़े पैमाने पर जंगलों और खेती की जमीन बर्बाद किया

लाकानाउ/वॉशिंगटन, एजेंसी। करीब 20 दिन से ज्यादा समय से यूरोप के जंगल धधक रहे हैं। फ्रांस, स्पेन में आग का खतरा कम हुआ है लेकिन खत्म नहीं हुआ। ग्रीस के जंगलों में आग लगी है, उधर वाशिंगटन में भी जंगल धधक रहे हैं।
यूरोप में आग का संकट रविवार को तीन मोर्चों पर फैल गया। तेज हवाओं ने आग को एथेंस इलाके में और अंदर तक पहुंचा दिया और हजारों लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। ग्रीस के एटिका, एथेंस, मेगारा आग की चपेट में हैं। फ्रांस में आग कहीं-कहीं अब भी धधक रही है। 420 वर्ग किलोमीटर का इलाका आग की चपेट में है, जिसके कारण हजारों लोग घर नहीं लौट पा रहे। 3,000 दमकलकर्मी गिरोंडे की भीषण आग और प्रोवेंस में लगी दूसरी आग से निपटने में लगे थे। स्पेन में भी आग धधक रही है और तीन लाख से ज्यादा लोगों को बेघर होना पड़ा है। ग्रीस में बढ़ा आग का दायराः पोर्टो जर्मेनो। ग्रीस में रविवार को कई मोर्चों पर आग का सामना करना पड़ा। आग ने बड़े पैमाने पर जंगलों और खेती की जमीन को बर्बाद कर दिया है। प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने कहा कि ग्रीस को बेहद खराब मौसम और तेज हवाओं का सामना करना पड़ा, जिससे आग और भड़क गई। मशहूर तटीय गांव पोर्टो जर्मेनो के आसपास लगभग 500 दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे थे। पेलोपोनीज के आइगियालिया में लगभग 100 दमकलकर्मी एक और आग से लड़ रहे थे। शनिवार देर रात आयोनियन सागर के सेफालोनिया द्वीप पर एक नई आग लग गई। वॉशिंगटन से हजारों लोगों को हटाया गयाः अमेरिका के वॉशिंगटन के जंगलों में शनिवार को लगी आग तेजी से फैली और स्पोकेन शहर तक पहुंच गई। संभावित खतरे को देखते हुए हजारों लोगों को यहां से हटाया गया। यह चौथा साल है जब ये राज्य सूखे से जूझ रहा है। 200,000 एकड़ (80,900 हेक्टेयर) से ज्यादा जंगल आग की चपेट में थे। गवर्नर यूरोप जंगल की आग की मार झेल रहा है। ग्रीस के अगियोस नेक्टारियोस इलाके के पास जंगल की आग को बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर से पानी गिराया गया। रॉयटर्स लगी बॉब फर्ग्यूसन ने कहा, रिकॉर्ड तोड़ सूखा और तेज हवाएं राज्य में खतरनाक हालात पैदा कर रही हैं। जंगल की आग शनिवार दोपहर स्पोकेन नदी को पार करके शहर में घुस गई।

लाखों लोग हो चुके बेघर
-2,24,000 लोगों को घर छोड़ना पड़ा जंगल की आग से फ्रांस में
-3,33,000 लोग भी आग के कारण स्पेन में हुए बेघर
-420 वर्ग किलोमीटर का इलाका फ्रांस में अब भी सुलग रहा
-1500 अग्निशमनकर्मी फ्रांस के प्रोवेंस में आग से मुकाबला कर रहे
-1980 के बाद से तेजी से बढ़ा यूरोप का औसत तापमान
-6,500 हेक्टेयर जमीन खाक हो चुकी अब तक आग से ग्रीस में
-10,000 हेक्टेयर से ज्यादा इलाका प्रभावित पोर्टो जर्मेनो के आसपास
-3500 एकड़ जंगल अमेरिका के स्पोकेन शहर में आग की चपेट में, इससे भारी नुकसान हो रहा

(साभार -दैनिक हिंदुस्तान ,नई दिल्ली 3-8-26 )

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 हमारी गौरैया और इनवारमेंट वैरियर्स

Hamari Gauraiya and Environment Warriors

*सम्पादक -डॉ .लीना

*सहायक सम्पादक -निशांत रंजन

उद्देश्य

विश्व गौरैया दिवस: एक साझा संकल्प

20 मार्च 2010 को जब विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत हुई, तो मकसद साफ था—इस नन्हीं जान को लुप्त होने से बचाना। इस मुहिम को मजबूती देते हुए दिल्ली सरकार ने 15 अगस्त 2012 और बिहार सरकार ने 16 अप्रैल 2013 को गौरैया को अपना राजकीय पक्षी घोषित किया। तब से लेकर आज तक, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साझा प्रयासों से गौरैया की ‘घर वापसी’ का अभियान निरंतर जारी है।

घर-आँगन, खेत-खलिहान में चहकने-फुदकने वाली गौरैया की घटती संख्या को रोकना और उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना। उद्देश्य है सभी गौरैया संरक्षकों का …इसमें हमारी गौरैया और पर्यावरण योद्धा(Hamari Gauraiya and Environment Warriors) भी शामिल है।

प्रधानमंत्री द्वारा गौरैया को संरक्षित करने को लेकर ‘मन की बात’ में कई बार सन्देश दिया गया हैं :- “विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हीं गौरैया को हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण घटती इनकी संख्या पर्यावरण असंतुलन का संकेत है, इसलिए घरों में दाना-पानी रखकर और घोंसले बनाकर इनके प्रति स्नेह और जिम्मेदारी निभाएं।

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