राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता नितिन नीरा चंद्रा की चंपारण टॉकीज के ‘बेजोड़ टॉक्स, बिहार के जानेमाने हस्ताक्षर और गुमनाम प्रतिभाओं को वैश्विक मंच दे रहा है। ‘बेजोड़ टॉक्स का 18 वां एपिसोड दो अगस्त को यूट्यूब पर रिलीज किया गया । इस एपिसोड में बिहार की राजकीय पक्षी “गौरैया” के संरक्षण में सक्रिय संजय कुमार पर केंद्रित किया गया है।
क्षेत्रीय सिनेमा और कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली प्रसिद्ध प्रोडक्शन कंपनी ‘चंपारण टॉकीज’ ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘बेजोड़ ओटीटी’ पर एक नए और क्रांतिकारी टॉक शो ‘बेजोड़ टॉक्स’ की शुरुआत की है। इस टॉक शो में बिहार और देश के अन्य हिस्सों से आने वाले उन असाधारण उद्यमियों, नवप्रवर्तकों, पर्यावरणविदों और कलाकारों की प्रेरणादायक कहानियों को दुनिया के सामने ला रहा है, जिन्होंने सीमित संसाधनों में समाज में बड़ा बदलाव किया है।

‘बेजोड़ टॉक्स” के 18वें एपिसोड के अतिथि गौरैया संरक्षक संजय कुमार ने भोजपुरी में गौरैया संरक्षण की हर छोटी-बड़ी बातें बतायी है। कैसे जुड़े और गोरैया संरक्षण की तस्वीर बिहार सहित देश भर में कैसी है को कहानीनुमा अंदाज में बताया।
पूरा एपिसोड सिनेमायी अंदाज़ में प्रस्तुत किया गया है, जो उसकी खूबसूरती है। यह दूसरों से इसलिए अलग है कि ‘बेजोड़ टॉक्स” लोकल बोलियों में अतिथियों से टॉक्स करता है जो जमीनी पुट को लिए रहता है। इसमें सिर्फ टॉक्स ही नहीं है बल्कि संबंधित व्यक्ति के काम को टीम जमीनी खोज कर एपिसोड को जीवंत बनाते हैं। शो के सह-निर्माता ऋषि राज ने गौरैया संरक्षण में किए गए संजय कुमार के कामों का आंकलन दौरा कर किया। टॉक्स के बीच में गौरैया संरक्षण पहल की फुटेज डाल रोचक बनाया हैं। शो की सिनेमैटोग्राफी और शानदार कैमरा वर्क कुंदन आर्य द्वारा किया गया है, जो दर्शकों को एक बेहतरीन विजुअल ट्रीट देता है। मंच की खूबसूरती और थीम आधारित आर्ट वर्क को प्रेमचंद महतो ने जीवंत किया है। वहीं शो की क्रिएटिविटी को चन्द्रा निशा के रचनात्मक इनपुट्स ने और अधिक मजबूती प्रदान की है।
लीक से हटकर काम करने वालों को समर्पित मंच ‘बेजोड़ टॉक्स’ का मुख्य उद्देश्य समाज के उन हीरों को सामने लाना है जो अक्सर मुख्यधारा के मीडिया की चकाचौंध से दूर रहकर जमीनी स्तर पर काम करते हैं। शो में शामिल होने वाले मेहमानों में जैविक खेती करने वाले किसान, जल संरक्षण और पक्षियों के में जुटे पर्यावरणविद, ग्रामीण पृष्ठभूमि के स्टार्टअप संस्थापक और पारंपरिक कला को सहेजने वाले कलाकार शामिल हैं। यह मंच उनकी सफलता के साथ-साथ उनके संघर्ष और विजन की वास्तविक यात्रा को साझा करता है।

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