पटना, 05 अक्टूबर 2026: पटना विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग में आज ‘राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस’ के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. परिमल कुमार खान ने की।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. गोपाल शर्मा पूर्व वैज्ञानिक एवं संयुक्त निदेशक, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार ने स्लाइड शो के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुति गांगेय डॉल्फिन की वर्तमान स्थिति, उनके अस्तित्व पर मंडराते खतरों तथा उनके संरक्षण के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नदियों में बढ़ते प्रदूषण, अवैध शिकार और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में असंतुलन के कारण डॉल्फिन की संख्या प्रभावित हो रही है। इसके निवारण के लिए सामूहिक प्रयास, नदियों की स्वच्छता और जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान पोस्टर एवं स्लोगन के माध्यम से विद्यार्थियों के द्वारा संदेश दिया गया — “गंगा की शान, नदियों की पहचान, गांगेय डॉल्फिन का संरक्षण, हमारा स्वाभिमान।” साथ ही, “स्वच्छ नदियाँ, सुरक्षित डॉल्फिन, समृद्ध भारत” का संकल्प भी दोहराया गया।
अध्यक्षीय भाषण में प्रो. परिमल खान ने कहा कि गांगेय डॉल्फिन हमारी नदियों के स्वास्थ्य का प्रतीक है और इसके संरक्षण के लिए शैक्षणिक संस्थानों व युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर विभाग के प्रो अनुपमा कुमारी प्रो जी बी चाँद, प्रो गजेन्द्र कुमार प्रो मयंक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ, जी बी चाँद ने किया इसके बाद सभा का समापन हुआ।














