पर्यावरण संरक्षण के अखंड ज्योति को करेगा प्रज्वलित
पुस्तक चर्चा / बिहार के पर्यावरणविदों ने अपने अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी पहचान बनाते हुए लोगों को सन्देश देने का काम किया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण का सन्देश दूर-दूर तक जाए और लोग जुड़ें । ऐसे ही पर्यावरण स्तंभों को “बिहार के पर्यावरण स्तंभ” पुस्तक में तीन युवा पर्यावरण योद्धाओं निशांत रंजन, अदिति और अमित कुमार पाण्डेय ने एक सूत्र में पिरोया है। अनन्या प्रकाशन, नई दिल्ली ने प्रकाशित किया है।
यह पुस्तक, बिल्कुल अपने नाम की तरह ही बिहार में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अलख जगाने वाले की जीवनी एवं कार्यों का संकलन है। इसके माध्यम से न सिर्फ हम इन पर्यावरण स्तंभों के कार्य को समझ किया गया है, बल्कि उनके रास्ते में आने वाली समस्याओं को भी रेखांकित किया है ताकि विषय को समझा जा सकें । बिहार केवल इतिहास की भूमि नहीं बल्कि प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की भी धरती है। इसी मिट्टी ने समय-समय ऐसे असंख्य सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने नदियों को बचाने, वनों को संवारने, वन्यप्राणियों के संरक्षण और आने वाले पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनके मौन तप, अथक परिश्रम, त्याग, संघर्ष और संकल्प से ही बिहार को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई पहचान दी है।
पुस्तक में बिहार के 35 समर्पित पर्यावरण स्तंभों के जीवन, कार्य, अनुभव और संघर्षों को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया गया है। पुस्तक “बिहार के पर्यावरण स्तंभ” केवल एक किताब नहीं, बल्कि उन अनगिनत हाथों को नमन है, जिन्होंने जैव विविधता की रक्षा और प्राकृतिक के प्रति समाज को जागरूक करने का आजीवन अभियान चलाया है, अथवा चल रहे हैं।
पुस्तक “बिहार के पर्यावरण स्तंभ” एक दस्तावेज है जो एक दर्पण बन कर वर्तमान पीढ़ी को प्रेरणा देते हुए सीख देगा। यकीनन पुस्तक पर्यावरण संरक्षण के अखंड ज्योति को और अधिक प्रज्वलित करेंगा ।
पुस्तक का नाम: बिहार के पर्यावरण स्तंभ
लेखक: निशांत रंजन, अदिति रॉय, अमित कुमार पाण्डेय
मूल्य: ₹350
ISBN: 978-93-47602-25-2
प्रकाशक: अनन्या प्रकाशन,नई दिल्ली
पुस्तक के लिए संपर्क करें: रजनीश कुमार मो. न.- 7903217924













